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धनिया: दाने, पत्ते और ठंडा पानी

धनिया का मतलब दाने भी हैं और हरा पत्ता भी। दाने रात भर भिगोकर हल्का ठंडा पानी बनाएं, और पत्ते दाल-चटनी में वैसे ही डालें जैसे रोज डालते हैं।

कांच के कटोरे में पानी में भीगे धनिया दाने, लकड़ी के बोर्ड पर हरा धनिया, रसोई की स्थिर तस्वीर।

धनिया के दाने और पत्तों का इस्तेमाल

धनिया का दाना और हरा धनिया एक ही पौधे के दो रूप हैं, और रसोई दोनों इस्तेमाल करती है। दाने रात भर पानी में भीगते हैं, सुबह छानकर वह पानी गर्म दोपहर का शांत घूंट बनता है। पत्ते उसी दिन दाल, चटनी और सलाद में खत्म हो जाते हैं।

यह रोज का खाना है, बुखार की दवा या पाचन का इलाज नहीं। गर्म दोपहर में एक गिलास भिगोया पानी काफी है। दानों को देर तक उबालकर कड़क काढ़ा बनाने और उसे दवा कहने की जरूरत नहीं।

सामग्री

  • एक चम्मच धनिया के दाने
  • रात भर भिगोने के लिए साफ पानी
  • हरे धनिया पत्तों का छोटा गुच्छा

बनाने की विधि

  1. धनिया दाने धोकर एक गिलास पानी में रात भर भिगोएं और सुबह छान लें।
  2. हरे पत्ते इस्तेमाल से ठीक पहले धोकर दाल, चटनी या दही के लिए काट लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • छना हुआ दानों का पानी गर्म दोपहर में घूंट-घूंट पिएं, सारा जग एक साथ नहीं।
  • हरे पत्ते गर्म दाल में आखिर में डालें ताकि रंग हरा रहे।
  • पत्ते उसी दिन खाएं। छना पानी फ्रिज में रखें और उसी दिन खत्म करें।

मददगार आदतें

  • खुशबू साफ चाहिए तो भिगोने से पहले दाने हल्के कूट लें।
  • पानी साबुन जैसा या कड़वा लगे तो भीगने का समय लंबा था या दाने पुराने थे। कम मात्रा से फिर बनाएं।

सावधानियाँ

  • धनिए का पानी रसोई का घूंट है, बुखार, पेशाब की तकलीफ या बवासीर का इलाज नहीं।
  • बहुत ज्यादा मात्रा ठंडी और भारी लग सकती है। एक गिलास पर रुकें।
  • पत्ते अच्छे से धोएं। अगर धनिया आपको पहले से नहीं पचता तो छोड़ दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या धनिया दाना और हरा धनिया एक ही हैं?

एक पौधे के दाने और पत्ते हैं। यहां दाने भीगे पानी के लिए हैं और पत्ते ताजा बघार जैसे अंत के लिए।

दाने कितनी देर भिगोएं?

एक गिलास पानी में रात भर काफी है। सुबह छानकर वही पानी उसी दिन पिएं।

क्या यह पानी दवा की जगह ले सकता है?

नहीं। यह हल्का ठंडा पेय है। बीमारी का इलाज नहीं करता।