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भोजन के बाद सौंफ और मिश्री
खाने के बाद सौंफ-मिश्री सिर्फ़ मुँह की ताज़गी के लिए नहीं है। सौंफ की तासीर ठंडी है और हल्की एसिडिटी व पेट फूलने में इसे परंपरा से चबाया जाता है।

सामग्री
- 1 छोटा चम्मच सौंफ
- मिश्री के कुछ दाने (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
- हल्का सोंधा स्वाद चाहिए तो सौंफ को थोड़ा भूनकर ठंडा कर लें।
- मिश्री मिलाकर एयरटाइट डिब्बे में रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- भोजन के बाद आधा से एक छोटा चम्मच धीरे-धीरे चबाएँ।
- पेय के रूप में — एक गिलास पानी में एक छोटा चम्मच सौंफ कुछ घंटे भिगोएँ, छानकर घूँट-घूँट पिएँ।
सावधानियाँ
- डायबिटीज़ हो तो मिश्री न मिलाएँ।
- सौंफ, अजमोद या गाजर परिवार के पौधों से एलर्जी हो तो न लें।
- सीने में जलन या एसिड रिफ़्लक्स बार-बार हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।




