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स्तनपान कराने वाली माँ के लिए लहसुन का दूध: परंपरा और तथ्य

दूध में उबला लहसुन कई भारतीय घरों में नई माँ का पारंपरिक पेय है। क्या पता है, कैसे बनता है और कब सावधानी रखें।

चित्र में लौंग, हल्दी, लहसुन की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

लहसुन के बारे में ज़रूरी बातें

लहसुन तीखा और गर्म होता है। खाने में यह स्वाद देता है और कुछ अध्ययन नियमित लहसुन को दिल के लिए हल्के फ़ायदे से जोड़ते हैं; कच्चा लहसुन पेट के लिए तेज़ हो सकता है।

उत्तर भारत के कई घरों में डिलीवरी के बाद गर्माहट, पाचन और दूध के लिए लहसुन का दूध दिया जाता है। एक छोटे अध्ययन में माँ के लहसुन खाने पर बच्चे ने देर तक दूध पिया, पर दूध बढ़ाने के प्रमाण कमज़ोर हैं। माँ के दूध में तेज़ स्वाद से कुछ बच्चे चिड़चिड़े हो सकते हैं।

सामग्री

  • 2 लहसुन की कलियाँ, कुटी हुई
  • 1 कप दूध
  • चुटकी भर हल्दी (चाहें तो)

बनाने की विधि

  1. कुटा लहसुन दूध में पाँच से सात मिनट उबालें।
  2. छान लें या नरम कलियाँ खा लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • डॉक्टर सहमत हों तो हफ़्ते में कुछ बार शाम को गुनगुना पिएँ।
  • बच्चे में चिड़चिड़ापन या पेट दर्द पर नज़र रखें।

मददगार आदतें

  • पकाने से पहले लहसुन कूटकर 10 मिनट रखें ताकि उसके तत्व ज़्यादा बचें।

सावधानियाँ

  • लहसुन ख़ून पतला कर सकता है; सिज़ेरियन के शुरुआती दिनों में या ख़ून पतला करने वाली दवा के साथ ज़्यादा न लें।
  • खून पतला करने की दवा लेते हों या ऑपरेशन होना हो तो डॉक्टर से पूछें।
  • खाली पेट कच्चा लहसुन सीने में जलन कर सकता है।
  • गर्भावस्था या स्तनपान में पहले डॉक्टर से पूछें।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दूध में लहसुन की गंध आएगी?

थोड़ी, और ज़्यादातर बच्चों को फ़र्क़ नहीं पड़ता।

क्या सिज़ेरियन के बाद सुरक्षित है?

ख़ासकर पहले हफ़्ते में अपने डॉक्टर से पूछें।

क्या पका लहसुन भी फ़ायदेमंद है?

हाँ, स्वाद और कुछ फ़ायदा देता है, हालाँकि कच्चा ज़्यादा तेज़ है।