मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics

बच्चों के बुखार के घरेलू उपाय: तरल, आराम, हल्के कपड़े और गुनगुने पानी की पट्टी

बुखार में तपता, चिड़चिड़ा बच्चा चिंता में डालता है, पर बुखार ख़ुद शरीर का संक्रमण से लड़ने का तरीक़ा है। बच्चों के बुखार के ये घरेलू उपाय आराम और पानी पर केंद्रित हैं: भरपूर तरल, आराम, हल्के सूती कपड़े, बेचैनी हो तो गुनगुने पानी की पट्टी, और हल्का, जाना-पहचाना खाना।

हल्की पीच पृष्ठभूमि पर पानी का गिलास, पतली खिचड़ी की कटोरी, तह किया गीला कपड़ा और तुलसी की टहनी

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

थर्मामीटर ही नहीं, बच्चे को देखें

बच्चों के ज़्यादातर बुखार वायरल संक्रमण से होते हैं और दो-तीन दिन में उतर जाते हैं। बच्चा कैसा दिख रहा है और क्या कर रहा है (खेल रहा है, पानी पी रहा है, पेशाब कर रहा है) — यह सही अंक से ज़्यादा मायने रखता है। भारत में डेंगू, मलेरिया और टाइफ़ाइड भी संभव हैं, ख़ासकर बरसात में, इसलिए दो दिन से ज़्यादा बुखार में डॉक्टर ज़रूरी है।

भारतीय घरों में पारंपरिक देखभाल में आराम, हल्की खिचड़ी या दाल का पानी, और बड़े बच्चों के लिए तुलसी का पानी शामिल है — डॉक्टर की सलाह के साथ।

सामग्री

  • पानी, ओआरएस, नारियल पानी, दाल का पानी या साफ़ सूप
  • हल्का खाना: खिचड़ी, इडली, दलिया, दही-चावल, फल
  • एक मुलायम कपड़ा और गुनगुने (ठंडे नहीं) पानी की कटोरी
  • डिजिटल थर्मामीटर

बनाने की विधि

  1. तरल पास में रखें और हर 30–60 मिनट में दें।
  2. पट्टी के लिए कटोरी में गुनगुना पानी भरें।

इस्तेमाल का तरीका

  • बच्चे को हल्के सूती कपड़े पहनाएँ और पतली चादर दें; भारी कंबल में न लपेटें।
  • बच्चा बेचैन हो तो 10–15 मिनट माथे, हाथों और पैरों को गुनगुने पानी से पोंछें।
  • छोटे-छोटे घूँट बार-बार और हल्का खाना दें; आराम करने दें। बुखार की दवा सिर्फ़ डॉक्टर द्वारा बच्चे के वज़न के हिसाब से बताई मात्रा में दें।

मददगार आदतें

  • डिजिटल थर्मामीटर से तापमान देखें और रीडिंग व दवा का समय लिखते रहें।
  • मच्छरदानी और बच्चों के लिए सुरक्षित रिपेलेंट इस्तेमाल करें, ख़ासकर बरसात में।
  • कमरा हवादार और आरामदायक रखें।

सावधानियाँ

  • 3 महीने से छोटे शिशु को कोई भी बुखार, 3–6 महीने के शिशु को 39°C या ज़्यादा, दौरा (झटके), साँस में दिक़्क़त, दबाने पर न मिटने वाले दाने, गर्दन अकड़ना, तेज़ सिरदर्द, लगातार उल्टी, पानी की कमी, असामान्य सुस्ती या 2 दिन से ज़्यादा बुखार — तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
  • ठंडा पानी, बर्फ़ या स्पिरिट से न पोंछें, और बच्चों को एस्पिरिन कभी न दें।
  • बची हुई या बड़ों की दवा, या बिना पर्चे एंटीबायोटिक न दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

घर पर बच्चे का बुखार कैसे कम करें?

हल्के कपड़े पहनाएँ, भरपूर तरल और आराम दें, और बेचैनी हो तो गुनगुने पानी से पोंछें। बुखार की दवा सिर्फ़ डॉक्टर की सलाह से दें।

बच्चे के लिए कितना बुखार ज़्यादा है?

3 महीने से छोटे शिशु को कोई भी बुखार हो तो डॉक्टर चाहिए। बड़े बच्चों में वे कैसे दिख रहे हैं यह ज़्यादा मायने रखता है; 39°C या ज़्यादा के साथ दूसरे लक्षण, या 2 दिन से ज़्यादा बुखार में इलाज लें।

क्या बुखार में बच्चे को तुलसी का पानी दे सकते हैं?

एक साल से बड़े बच्चों के लिए हल्का तुलसी का पानी आम पारंपरिक पेय है, पर यह बुखार का इलाज नहीं है। तरल और डॉक्टर की सलाह पहले हैं।
सभी देखें: बच्चों के लिए घरेलू उपाय