डायबिटीज़ में सहायक5 मिनट
मौसम में कुछ ताज़े जामुन
जामुन का मौसम हो तो कुछ ताज़े फल धोकर फल की तरह खाए जाते हैं। रस की तरह नहीं, और बीज के चूर्ण को दवा बनाकर नहीं। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
कुछ जामुन, फल की तरह
जामुन का मौसम छोटा होता है, और फल पहले से ही तीखा और बैंगनी होता है। यहाँ आदत साधारण है: चार से छह पके फल धोकर खाएँ। बीज थूक दिए जाते हैं। न रस का गिलास, न बीजों का चूर्ण जिसे दवा की तरह लिया जाए।
फल खाना है। बाज़ार में जामुन आ गया इसलिए मधुमेह की दवा नहीं बदलनी, और खुराक नहीं बदलनी। यह रक्त शर्करा का इलाज नहीं। कच्चे, खट्टे-सड़े, या बहुत बड़ी मात्रा पेट बिगाड़ सकती है। मौसम न हो तो रुकें। उसकी जगह पैक चूर्ण न अपनाएँ।
सामग्री
- 4 से 6 पके जामुन
- धोने के लिए साफ़ पानी
- एक छोटी थाली
बनाने की विधि
- जामुन साफ़ पानी में धोकर पोंछ लें।
- थाली में रखें। रस न निचोड़ें और बीज सुखाकर चूर्ण न बनाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- मौसम में कुछ फल खाएँ, और बीज थूक दें।
- चार से छह गिनें, हर घंटे पूरी कटोरी नहीं।
- उसी दिन अपना सामान्य भोजन और अपनी सामान्य दवा वैसे ही रखें।
मददगार आदतें
- पका जामुन नरम और गहरे रंग का होता है। सख्त हरा फल यह थाली नहीं।
- रस कपड़े और उँगलियाँ रंग देता है। हल्के कपड़े पर नहीं, मेज़ पर खाएँ।
सावधानियाँ
- सिर्फ़ फल खाएँ, बीज का चूर्ण दवा की तरह नहीं। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और खुराक नहीं बदलनी है।
- इस छोटी फल-आदत की जगह जामुन का रस न पिएँ। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और खुराक नहीं बदलनी है।
- फल पेट बिगाड़े तो रोक दें। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और खुराक नहीं बदलनी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या जामुन मधुमेह की दवा की जगह ले सकता है?
- नहीं। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और खुराक नहीं बदलनी है।
क्या जामुन के बीज का चूर्ण लेना चाहिए?
- नहीं। यह आदत मौसम के कुछ ताज़े फलों की है। बीज यहाँ दवा नहीं।
क्या जामुन के रस का गिलास वही बात है?
- नहीं। कुछ फल खाएँ। रस यह थाली नहीं, और रक्त शर्करा का इलाज नहीं।





