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गुनगुने दूध में जावित्री की एक चुटकी
रात को गुनगुने दूध में कुटी जावित्री की बहुत छोटी चुटकी, एक पारंपरिक सुगंध। सिर्फ़ चुटकी भर; गर्भावस्था में न लें, यह नींद का इलाज नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
जायफल के फल से बना खुशबूदार मसाला
जावित्री जायफल के बीज का जालीदार लाल बाहरी आवरण है। इसकी गर्म, मीठी खुशबू होती है और इसे बिरयानी, मिठाइयों और गुनगुने दूध में थोड़ी मात्रा में डाला जाता है।
एक पत्ती का छोटा टुकड़ा, चावल के दाने से बड़ा नहीं, कुचलकर एक कप गुनगुने दूध में डालें। इससे ज़्यादा न लें; ज़्यादा मात्रा में जावित्री और जायफल तेज़ होते हैं। यह पारंपरिक सुगंध है, नींद का इलाज नहीं।
सामग्री
- जावित्री की पत्ती का 1 छोटा टुकड़ा
- 1 कप गुनगुना दूध
बनाने की विधि
- टुकड़े को दरदरा कुचलकर चुटकी बना लें।
- गुनगुने दूध में घोलकर दो मिनट रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- शाम को गुनगुना घूँट-घूँट पिएँ।
- कभी-कभार ही लें।
मददगार आदतें
- पाउडर नहीं, साबुत पत्तियाँ खरीदें।
- चुटकी से ज़्यादा कभी नहीं।
सावधानियाँ
- गर्भावस्था और स्तनपान में न लें।
- ज़्यादा मात्रा से मतली और चक्कर आ सकते हैं।
- सुगंध है, इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या जावित्री और जायफल एक हैं?
- नहीं, दोनों एक ही फल के अलग हिस्से हैं।
क्या बच्चे ले सकते हैं?
- इलाज के रूप में नहीं; सामान्य खाने की मात्रा तक रखें।
क्या नींद में मदद करती है?
- यह सुगंध है; प्रमाण सीमित हैं।




