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त्वचा15 मिनट

एवोकाडो और दूध का गाल मास्क

पके एवोकाडो को दूध के साथ मसलकर सूखे गालों पर हफ्ते में एक बार मास्क लगाया जाता है। थोड़ी देर रहकर धुल जाता है। यह त्वचा को पोषण नहीं देता और सूखापन नहीं सुधारता।

लकड़ी के बोर्ड पर पके एवोकाडो का आधा भाग और दूध का छोटा जग। कोई व्यक्ति या लिखावट नहीं।

एवोकाडो और दूध के गाल मास्क के बारे में

पका एवोकाडो मलाई जैसा पेस्ट बनता है और एक चम्मच दूध उसे सूखे गालों पर फैलने लायक नरम करता है। यह मास्क उसी सूखे हिस्से के लिए है, हफ्ते में करीब एक बार, तैलीय माथे पर रोज के लिए नहीं। ऐसा फल लें जो पका और सौम्य हो, पूरा भूरा पड़ा हुआ नहीं।

करीब दस मिनट बाद धो दें। लगे रहने पर नरम महसूस हो सकता है, यह सिर्फ एहसास है, त्वचा में बदलाव नहीं। बीमारी, मौसम की क्षति या रैश से उठी पपड़ी यह ठीक नहीं करता। दूध रास न आए तो छोड़ दें।

सामग्री

  • आधा पका एवोकाडो
  • 1 बड़ी चम्मच दूध
  • केवल पके एवोकाडो का मसला गूदा

बनाने की विधि

  1. पके एवोकाडो को तब तक मसलें जब तक सख्त टुकड़े न रहें।
  2. दूध मिलाएं ताकि मास्क आसानी से फैले, बहे नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

  • चेहरा धोकर सुखाएं। मास्क केवल सूखे गालों पर लगाएं।
  • आंखों, होंठों और कटी त्वचा से दूर रखें।
  • करीब दस मिनट रखें, फिर धोकर थपथपाएं। हफ्ते में एक बार लगाएं।

मददगार आदतें

  • गाल सूखे न हों तो मास्क छोड़ दें। यह पूरे चेहरे का पैक नहीं है।
  • जितना चाहिए उतना ही मसलें। एवोकाडो जल्दी भूरा होता है।

सावधानियाँ

  • केवल बाहर लगाने के लिए। चेहरे पर लगने के बाद मास्क न खाएं।
  • पहले बांह के अंदर लगाकर एक दिन देखें, फिर गालों पर लगाएं।
  • कटी, फटी या जली त्वचा पर न लगाएं। चुभे तो धो दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एवोकाडो और दूध का गाल मास्क कितनी बार लगाएं?

हफ्ते में एक बार, सूखे गालों पर, करीब दस मिनट के लिए।

क्या तैलीय माथे पर लगा सकते हैं?

यह मिश्रण सूखे गालों के लिए है। तैलीय माथा छोड़ दें।

क्या यह बहुत सूखी या पपड़ी वाली त्वचा सुधारता है?

नहीं। यह छोटा रसोई मास्क है। पपड़ी, रैश या क्षतिग्रस्त त्वचा नहीं सुधारता।
सभी देखें: त्वचा की देखभाल के घरेलू उपाय