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भुने कद्दू, सूरजमुखी और तिल के बीजों की छोटी मुट्ठी
भुने हुए कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और तिल की छोटी मुट्ठी दोपहर का नाश्ता है, डेस्क पर खाली की हुई थैली नहीं। यह सहायक खाना है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

बीजों की छोटी मुट्ठी
कद्दू, सूरजमुखी और तिल के बीज डिब्बे का खाना हैं। हल्का भूनकर जब उनसे अखरोट जैसी खुशबू आए, वे नमकीन पैकेट की जगह लेते हैं, दूसरा भोजन नहीं बनते।
सीमा छोटी मुट्ठी है क्योंकि बीज भारी होते हैं। यह मिश्रण सहायक है। यह डॉक्टर या पूरे भोजन की जगह नहीं लेता।
सामग्री
- एक छोटी चम्मच कद्दू के बीज
- एक छोटी चम्मच सूरजमुखी के बीज
- एक छोटी चम्मच तिल
बनाने की विधि
- बीजों में टूटे छिलके या किरकिरापन हो तो निकाल दें।
- तीनों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक खुशबू आए, फिर ठंडा करें।
इस्तेमाल का तरीका
- दोपहर को या खाने के साथ एक छोटी मुट्ठी खाएं।
- जल्दी में निगलने के बजाय अच्छी तरह चबाएं।
- बाकी सूखी डिब्बी में रखें और पूरी डिब्बी को मात्रा न बनाएं।
मददगार आदतें
- चुटकी सेंधा नमक वैकल्पिक है। बीजों पर मीठी परत जरूरी नहीं।
- जितना कुछ दिनों में खाना हो उतना ही भूनें ताकि ताजा रहें।
सावधानियाँ
- पूरी कटोरी भारी लग सकती है। छोटी मुट्ठी ही रखें।
- जो बीज पहले तकलीफ दें उसे छोड़ दें। चिकनाई कम करने को कहा गया हो तो मात्रा डॉक्टर से पूछें।
- यह सिर्फ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छोटी मुट्ठी कितनी होती है?
- कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और तिल करीब एक-एक छोटी चम्मच, जितना बंद हथेली में समाए।
क्या बीज कच्चे खाने चाहिए?
- उन्हें खुशबू आने तक भून लें। कच्चे बीज चबाने में सख्त होते हैं और थैली से ज्यादा खा लिए जाते हैं।
क्या चीनी या चॉकलेट मिला सकते हैं?
- तब यह मिठाई बन जाएगी, यह नाश्ता नहीं। मुट्ठी सादी और सहायक रखें। यह डॉक्टर का विकल्प नहीं।





