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मोरिंगा पाउडर: कैसे खरीदें, रखें और इस्तेमाल करें

ताज़ा मोरिंगा पत्ती पाउडर चुनना, उसे हरा बनाए रखना, और रोज़ के भारतीय खाने में आधा चम्मच डालने के आसान तरीके।

कटोरी, गिलास और पारंपरिक बर्तनों का आयुर्वेदिक रसोई चित्र।

घर पर मोरिंगा का समझदारी से इस्तेमाल

मोरिंगा (सहजन) के पत्तों में आयरन, कैल्शियम और विटामिन A भरपूर होता है। भारतीय घरों में इन्हें दाल, सांभर और थेपले में पकाया जाता है, और अब सूखे पत्तों का पाउडर भी खूब बिकता है।

अच्छा मोरिंगा पाउडर सिर्फ़ छाँव में सुखाए पत्तों से बनता है, तनों या बीजों से नहीं। यह चटक हरा होना चाहिए और इसमें सूखे पत्तों की खुशबू होनी चाहिए, सूखी घास की नहीं।

गर्मी से कुछ पोषक तत्व कम होते हैं, इसलिए पकाने के बाद खाने में मिलाएँ: दाल, सब्ज़ी, रायता, पराठे का आटा या स्मूदी। दिन में आधा से एक छोटा चम्मच काफ़ी है।

सामग्री

  • मोरिंगा पत्ती पाउडर
  • हवाबंद, गहरे रंग का काँच का डिब्बा

बनाने की विधि

  1. पैकेट से पाउडर सूखे, गहरे रंग के डिब्बे में डालें।
  2. ठंडी अलमारी में रखें; रोज़ के लिए एक छोटा डिब्बा अलग रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • पकाने के बाद ½ छोटा चम्मच दाल, सब्ज़ी या दही में मिलाएँ।
  • खोलने के तीन महीने के भीतर इस्तेमाल करें।

मददगार आदतें

  • चटक हरा पाउडर जिसमें सूखे पत्तों जैसी खुशबू हो, ताज़ा है।

सावधानियाँ

  • कम मात्रा से शुरू करें; शुरू में इससे पेट ढीला हो सकता है।
  • मोरिंगा की जड़ और छाल न लें; खाने में सिर्फ़ पत्ते और फलियाँ ली जाती हैं।
  • थायरॉइड या शुगर की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरा मोरिंगा पाउडर भूरा क्यों हो गया?

रोशनी, गर्मी या नमी से; ताज़गी चली गई है, बदल दें।

क्या इसे घर पर बना सकते हैं?

हाँ, साफ़ पत्ते कुछ दिन छाँव में सुखाएँ, फिर पीसकर छान लें।

दिन में कितना मोरिंगा पाउडर?

खाने में आधा से एक छोटा चम्मच काफ़ी है।