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त्वचा20 मिनट

पसीने वाले पैरों के लिए नीम-हल्दी का फुट सोक

बरसात में पसीने और बदबू वाले पैरों के लिए नीम के पत्तों और चुटकी भर हल्दी का गुनगुना सोक, फिर उँगलियों के बीच अच्छी तरह सुखाना।

चित्र में नीम, हल्दी की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

नीम का इस्तेमाल ऐसे क्यों

नीम वह कड़वा पेड़ है जिसकी पत्तियाँ, दातून और तेल भारतीय घरों में त्वचा, स्कैल्प और दाँतों के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसका इस्तेमाल ज़्यादातर बाहर से होता है; खाने में नीम कम और कभी-कभार ही लिया जाता है।

बारिश में गीले जूते-मोज़ों से पैरों में पसीना, बदबू और फंगल इन्फ़ेक्शन आसानी से होता है। नीम का सोक पारंपरिक ताज़गी देता है; अच्छी तरह सुखाना और रोज़ मोज़े बदलना उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है।

सामग्री

  • मुट्ठी भर नीम के पत्ते
  • ¼ छोटा चम्मच हल्दी
  • गुनगुने पानी का टब

बनाने की विधि

  1. नीम के पत्ते दो कप पानी में पाँच मिनट उबालें; हल्दी के साथ गुनगुने पानी के टब में डालें।

इस्तेमाल का तरीका

  • पैर 10 से 15 मिनट डुबोएँ।
  • अच्छी तरह, ख़ासकर उँगलियों के बीच, सुखाएँ और साफ़ सूती मोज़े पहनें।

मददगार आदतें

  • ताज़ी हरी पत्तियाँ लें; सूखी पीली पत्तियों में खुशबू कम रह जाती है।

सावधानियाँ

  • फटी त्वचा या डायबिटीज़ से जुड़ी पैरों की समस्या हो तो न करें; डॉक्टर को दिखाएँ।
  • नीम का तेल कभी न निगलें और बच्चों को कभी न दें।
  • गर्भावस्था में या गर्भधारण की कोशिश के दौरान नीम न खाएँ।
  • चेहरे पर लगाने से 24 घंटे पहले बाँह के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट करें।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इससे एथलीट्स फ़ुट ठीक होगा?

भरोसे से नहीं; उँगलियों के बीच खुजली और छिलती त्वचा में एंटीफंगल क्रीम चाहिए हो सकती है।

कितनी बार सोक कर सकते हैं?

हफ़्ते में दो-तीन बार।

क्या नीम रोज़ इस्तेमाल कर सकते हैं?

त्वचा और स्कैल्प पर हफ़्ते में कुछ बार ठीक है; रोज़ खाने की सलाह नहीं दी जाती।