त्वचा10 मिनट
शरीर के लिए रागी आटे का हल्का स्क्रब
रागी का आटा दही या दूध में मिलाकर हफ़्ते में एक बार कोहनी-घुटनों पर हल्के से मलें। मुलायम स्क्रब; चिढ़ी त्वचा पर न लगाएँ।

अनाज की अलमारी से स्क्रब
रागी का आटा थोड़ा दरदरा होता है, इसलिए दही या दूध में मिलाने पर यह हल्का स्क्रब बन जाता है। हल्के हाथ से इस्तेमाल करने पर यह बाज़ार के तेज़ स्क्रब से ज़्यादा सौम्य है।
ढीला लेप बनाएँ, कोहनी, घुटनों और पैरों पर छोटे गोलों में एक मिनट मलें और धो लें। हफ़्ते में एक बार काफ़ी है। यह त्वचा के आराम की आदत है, काले धब्बों या रूखी त्वचा की बीमारी का इलाज नहीं।
सामग्री
- 1 बड़ा चम्मच बारीक रागी आटा
- 1 बड़ा चम्मच दही या दूध
बनाने की विधि
- आटा और दही मिलाकर ढीला लेप बनाएँ।
- तुरंत इस्तेमाल करें।
इस्तेमाल का तरीका
- कोहनी-घुटनों पर छोटे गोलों में एक मिनट मलें।
- गुनगुने पानी से धोकर मॉइस्चराइज़ करें।
मददगार आदतें
- उँगली की गद्दी से मलें, नाखून से नहीं।
- चेहरे पर न लगाएँ।
सावधानियाँ
- पहले पैच टेस्ट करें।
- कटी, धूप से जली या चकत्तों वाली त्वचा पर न लगाएँ।
- आराम की आदत है, इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चेहरे पर लगा सकते हैं?
- चेहरे पर नहीं; वहाँ त्वचा पतली होती है।
कितनी बार?
- हफ़्ते में एक बार।
क्या बेसन ले सकते हैं?
- हाँ, बेसन भी ऐसे ही काम करता है।



