मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics

खाने में कुछ केसर के धागे: आँखों के बारे में अध्ययन क्या कहते हैं

उम्र से जुड़े आँखों के बदलावों पर केसर के छोटे अध्ययन हुए हैं। उनमें क्या मिला, और स्वस्थ आहार के हिस्से के रूप में दूध या चावल में कुछ धागों का आनंद कैसे लें।

चित्र में केसर, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

घर पर केसर का समझदारी से इस्तेमाल

केसर क्रोकस फूल के सूखे रेशे हैं, जिनके कुछ धागे दूध, मिठाई और उबटन में डाले जाते हैं। छोटे अध्ययनों में मूड पर हल्के असर के संकेत हैं; यह महँगा होता है और अक्सर नकली मिलता है।

केसर में क्रोसिन और सैफ़्रानल जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। शुरुआती उम्र से जुड़े मैक्युलर डीजेनरेशन वाले लोगों पर केसर सप्लीमेंट के कुछ छोटे अध्ययनों में कुछ नज़र जाँचों में हल्का सुधार मिला। इनमें तय मात्रा इस्तेमाल हुई थी, और नतीजों की पुष्टि बाकी है। खाने में कुछ धागे एक सुखद, सुरक्षित आदत है।

सामग्री

  • 3 से 4 केसर के धागे
  • गुनगुना दूध, खीर या चावल

बनाने की विधि

  1. धागों को एक चम्मच गुनगुने दूध में 10 मिनट भिगोएँ।
  2. दूध या चावल के व्यंजन में मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • विविध आहार के हिस्से के रूप में हफ़्ते में कुछ बार लें।
  • बाहर धूप का चश्मा पहनें और धूम्रपान न करें।

मददगार आदतें

  • असली केसर गुनगुने दूध में धीरे-धीरे रंग छोड़ता है; नकली तुरंत लाल रंग छोड़ देता है।

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था में ज़्यादा मात्रा वाले केसर सप्लीमेंट न लें। AMD के लिए आँखों के विशेषज्ञ का इलाज ज़रूरी है।
  • कुछ धागे ही लें; ज़्यादा मात्रा असुरक्षित है, ख़ासकर गर्भावस्था में।
  • आँख के अंदर घर का बना कोई घोल या जड़ी-बूटी कभी न डालें। दर्द, लाली या धुंधलेपन पर आँखों के डॉक्टर को दिखाएँ।
  • अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या आँखों के लिए केसर कैप्सूल लूँ?

सिर्फ़ तब, जब आँखों के डॉक्टर सहमत हों।

असली केसर कैसे पहचानें?

असली धागे धीरे-धीरे दूध रंगते हैं और ख़ुद लाल रहते हैं।

कितने धागे काफ़ी हैं?

एक कप में तीन से पाँच धागे।