जड़ी-बूटियाँ और आहार10 मिनट
असली और नकली केसर: घर पर आसान जाँच
केसर में अक्सर रंगे धागे या भुट्टे के रेशे मिलाए जाते हैं। इस्तेमाल से पहले असली केसर पहचानने की पानी, दूध और छूकर आसान जाँच।

आयुर्वेद में केसर
केसर क्रोकस फूल के सूखे रेशे हैं, जिनके कुछ धागे दूध, मिठाई और उबटन में डाले जाते हैं। छोटे अध्ययनों में मूड पर हल्के असर के संकेत हैं; यह महँगा होता है और अक्सर नकली मिलता है।
असली केसर के धागे गहरे लाल होते हैं और सिरे थोड़े हल्के, तुरही जैसे होते हैं। इनकी खुशबू शहद जैसी और स्वाद हल्का कड़वा होता है, मीठा नहीं।
गुनगुने पानी या दूध में असली केसर 10 से 15 मिनट में धीरे-धीरे सुनहरा-पीला रंग छोड़ता है और धागे लाल ही रहते हैं। नकली केसर तुरंत पानी लाल कर देता है और धागे फीके पड़ जाते हैं।
सामग्री
- केसर के 2 से 3 धागे
- गुनगुने पानी का छोटा गिलास
बनाने की विधि
- धागे गुनगुने पानी में डालें, हिलाएँ नहीं।
- 10 मिनट देखें।
इस्तेमाल का तरीका
- असली: धीरे-धीरे सुनहरा रंग, धागे लाल और साबुत रहते हैं।
- नकली: तुरंत लाल धारियाँ, धागे सफ़ेद हो जाते हैं या टूट जाते हैं।
मददगार आदतें
- असली केसर गुनगुने दूध में धीरे-धीरे रंग छोड़ता है; नकली तुरंत लाल रंग छोड़ देता है।
सावधानियाँ
- जानी-मानी दुकानों से सील पैक लें, जहाँ हो सके लैब या GI टैग वाला।
- कुछ धागे ही लें; ज़्यादा मात्रा असुरक्षित है, ख़ासकर गर्भावस्था में।
- खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कश्मीरी केसर हमेशा असली होता है?
- हमेशा नहीं; GI टैग और भरोसेमंद दुकान देखें।
क्या असली केसर मीठा लगता है?
- नहीं, मिठास चीनी की परत का संकेत हो सकती है।
कितने धागे काफ़ी हैं?
- एक कप में तीन से पाँच धागे।






