मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics

ज़्यादा प्रदूषण वाले दिनों में ठीक नाप का मास्क

बहुत प्रदूषित दिनों में बाहर निकलते समय अच्छी तरह बैठने वाला N95 जैसा मास्क पहनें और बाहरी कसरत छोटी रखें। बचाव की आदत; दमे या हृदय रोग में डॉक्टर से पूछें।

फोटो में लकड़ी की शेल्फ़ पर नोज़-क्लिप और कान के फंदों वाला सफ़ेद गुंबदनुमा रेस्पिरेटर मास्क, स्टील की पानी की बोतल और तह किया क्रीम कपड़ा है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

कपड़े से ज़्यादा फिट मायने रखता है

दिवाली के बाद कई शहरों में हवा की गुणवत्ता गिरती है। अच्छी तरह बैठने वाला N95 जैसा मास्क ढीले कपड़े या सर्जिकल मास्क से बारीक कणों को कहीं बेहतर छानता है, बशर्ते वह नाक और गालों के पास कसकर बैठे।

नाक की पट्टी दबाएँ, किनारों से हवा न रिसे यह जाँचें और बहुत खराब दिनों में बाहर की कसरत छोटी रखें। यह बचाव की आदत है, फेफड़े या हृदय की स्थितियों का इलाज नहीं।

सामग्री

  • N95 या वैसा मास्क
  • अतिरिक्त मास्क
  • छोटी थैली

बनाने की विधि

  1. हर सुबह हवा की गुणवत्ता का ऐप देखें।
  2. एक साफ़ अतिरिक्त रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • ज़्यादा AQI वाले दिनों में बाहर पहनें।
  • नम या गंदा हो जाए तो बदलें।

मददगार आदतें

  • साँस भीतर लेकर सील जाँचें।
  • हो सके तो बाकी दिन घर के अंदर रहें।

सावधानियाँ

  • दमा, सीओपीडी या हृदय रोग वाले नियमित उपयोग से पहले डॉक्टर से पूछें।
  • बच्चों के मास्क ठीक नाप के हों।
  • बचाव की आदत है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कपड़े का मास्क काफ़ी है?

धूल घटाता है पर बारीक कण कम छानता है।

क्या N95 दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं?

साफ़ और सूखा हो तो कुछ बार।

क्या बच्चों को आता है?

बच्चों के नाप के लें।