सर्दी-खाँसी8 मिनट
अजवाइन की गर्म पोटली
भुनी अजवाइन साफ कपड़े में बांधकर नाक के पास रखी जाती है, ताकि धुआं नहीं, केवल हल्की गर्म खुशबू सांस में आए।

बिना धुएं अजवाइन की पोटली
अजवाइन को केवल तब तक सूखा भूनें जब तक खुशबू आने लगे, फिर साफ कपड़े में बांध दें। पोटली नाक के पास रखी जाती है और हल्की गर्म खुशबू ली जाती है। कढ़ाई से धुआं नहीं उठना चाहिए और दाने जलने नहीं चाहिए। यह धुआं सूंघना नहीं है, और नाक की पुरानी जकड़न या दमा का इलाज भी नहीं।
पोटली को इतना ठंडा करें कि वह गर्म रहे, तपती नहीं, और त्वचा से सटाकर न रखें। छोटे बच्चों के लिए यह नहीं है। गर्म कपड़े से जलन हो सकती है और तीखी खुशबू उन्हें बेचैन कर सकती है। नाक बंद रहे, या खांसी और बुखार कुछ दिनों से आगे बढ़ें, तो डॉक्टर को दिखाएं।
सामग्री
- एक चम्मच अजवाइन
- साफ पतला सूती कपड़ा
- एक छोटी सूखी कढ़ाई
बनाने की विधि
- अजवाइन को धीमी आंच पर सूखा भूनें जब तक खुशबू आए। धुआं या जले दाने न होने दें।
- दाने कपड़े में डालकर ढीली पोटली बांधें और तब तक ठंडा करें कि वह गर्म रहे, तपती नहीं।
इस्तेमाल का तरीका
- पोटली नाक के पास रखें और एक-दो मिनट हल्की गर्म खुशबू लें।
- त्वचा से थोड़ी दूरी रखें, ताकि कपड़ा जलाए नहीं।
- नाक बंद लगे तो दिन में एक या दो बार। चुभे तो तुरंत हटा दें।
मददगार आदतें
- दाने धुआं छोड़ने लगें तो कढ़ाई तुरंत आंच से उतार दें।
- हर बार ताजा चम्मच बेहतर है। पुराने दाने दोबारा गर्म करने की जरूरत नहीं।
सावधानियाँ
- यह कपड़े से आती गर्म खुशबू है, धुआं नहीं, और बंद नाक का इलाज नहीं।
- छोटे बच्चों के लिए नहीं। गर्म पोटली जला सकती है और खुशबू बहुत तीखी लग सकती है।
- नाक बंद रहना, खांसी या बुखार कुछ दिनों से आगे रहे तो डॉक्टर को दिखाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अजवाइन से धुआं निकलना चाहिए?
- नहीं। केवल खुशबू तक भूनें। इस उपाय में धुआं नहीं है।
क्या छोटा बच्चा पोटली सूंघ सकता है?
- नहीं। गर्म कपड़ा और तीखी खुशबू छोटे बच्चों से दूर रखें।
क्या इससे नाक हमेशा के लिए खुल जाती है?
- नहीं। नाक बंद लगे तो थोड़ी देर का सहारा है। तकलीफ बनी रहे तो डॉक्टर से मिलें।



