गुनगुने दूध में भिगोए हुए आलिव (हलीम) के बीज
एक छोटी चम्मच हलीम (गार्डन क्रेस) बीज दूध में भिगोकर, आयरन और कैल्शियम वाला परंपरागत पेय। डॉक्टर के बिना गर्भावस्था में नहीं, और एनीमिया का इलाज नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
छोटे लाल बीज, बड़ी परंपरा
आलिव, जिसे हलीम या गार्डन क्रेस के बीज भी कहते हैं, छोटे लाल-भूरे बीज हैं जो महाराष्ट्र और अन्य इलाकों में अक्सर लड्डू में या दूध में भिगोकर खाए जाते हैं। इनमें आयरन, कैल्शियम और फ़ाइबर होता है, पर एक चम्मच से मात्रा थोड़ी ही मिलती है, इसलिए यह भोजन है, एनीमिया या कैल्शियम की कमी का इलाज नहीं।
एक छोटी चम्मच बीज थोड़े गुनगुने दूध में 30 मिनट भिगोएँ जब तक वे फूलकर लसदार न हो जाएँ, फिर पिएँ। गर्भावस्था में डॉक्टर की मंज़ूरी के बिना न लें, क्योंकि पारंपरिक स्रोत इस पर चेतावनी देते हैं। थायरॉइड की समस्या, कम ब्लड प्रेशर, या दूध या बीजों की एलर्जी हो तो न लें। कम मात्रा से शुरू करें, क्योंकि बीज पेट खराब कर सकते हैं।
सामग्री
- 1 छोटी चम्मच आलिव (हलीम) बीज
- 1/2 कप गुनगुना दूध
- थोड़ा गुड़ (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
- बीज गुनगुने दूध में लगभग 30 मिनट भिगोएँ।
- फूलने पर अच्छी तरह मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन में एक बार, हफ़्ते में कुछ बार पिएँ।
- गुड़ चाहें तो ही डालें।
मददगार आदतें
- आधी छोटी चम्मच से शुरू करें।
- बीज एयरटाइट जार में रखें।
सावधानियाँ
- गर्भावस्था में डॉक्टर की मंज़ूरी के बिना न लें।
- थायरॉइड, कम ब्लड प्रेशर या एलर्जी में पहले पूछें।
- भोजन है, एनीमिया या कैल्शियम की कमी का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आलिव से एनीमिया ठीक होगा?
- नहीं। इससे थोड़ा आयरन मिलता है, यह भोजन है, इलाज नहीं।
क्या गर्भावस्था में सुरक्षित है?
- केवल डॉक्टर की मंज़ूरी से।
और कैसे खाया जाता है?
- लड्डू में या दलिये पर छिड़ककर।



