हृदय और बीपी में सहायक5 मिनट
अर्जुन छाल पाउडर ख़रीदना और रखना
असली अर्जुन छाल पाउडर कैसे चुनें, लेबल पर क्या देखें, और इसे ताज़ा रखने के लिए कैसे रखें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
भारतीय घरों में अर्जुन
अर्जुन की छाल आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध दिल की जड़ी है और इसे पारंपरिक रूप से दूध में उबाला जाता है। छोटे अध्ययनों में संभावित फ़ायदों के संकेत हैं, पर यह दिल के डॉक्टर के इलाज की जगह कभी नहीं ले सकती।
अर्जुन छाल खूब बिकती है, और गुणवत्ता अलग-अलग होती है। क्योंकि इसे दिल की बीमारी वाले लोग लेते हैं, इसलिए क़ीमत से ज़्यादा ज़रूरी है लाइसेंस वाले निर्माता का जाँचा हुआ उत्पाद लेना।
सामग्री
- लाइसेंस वाले आयुर्वेदिक निर्माता का अर्जुन छाल पाउडर या कैप्सूल
- एयरटाइट काँच का डिब्बा
बनाने की विधि
- लेबल पर वानस्पतिक नाम Terminalia arjuna, लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और एक्सपायरी देखें।
- उन ब्रांडों को तरजीह दें जो भारी धातुओं की जाँच बताते हैं।
इस्तेमाल का तरीका
- एयरटाइट डिब्बे में निकालकर ठंडी, अँधेरी अलमारी में रखें।
- एक्सपायरी से पहले इस्तेमाल करें; सीलन की गंध आए या गुठलियाँ बनें तो फेंक दें।
मददगार आदतें
- लाइसेंस वाली फ़ार्मेसी से बैच नंबर वाला छाल का पाउडर लें।
सावधानियाँ
- दिल की बीमारी हो तो डॉक्टर को बताए बिना अर्जुन शुरू न करें।
- दिल, BP या खून पतला करने की दवा न बंद करें, न कम करें।
- गर्भावस्था में न लें।
- BP या दिल की दवा लेते रहें और घर पर BP का रिकॉर्ड रखें।
- खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अर्जुन पाउडर का रंग कैसा होना चाहिए?
- आमतौर पर लाल-भूरा और स्वाद कसैला।
कैप्सूल या पाउडर?
- कैप्सूल की मात्रा तय करना आसान है; पाउडर क्षीरपाक के लिए ठीक है।
क्या अर्जुन दिल की दवा की जगह ले सकता है?
- नहीं। सीने में दर्द या साँस फूलने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।






