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भूमि आँवला की चाय, पारंपरिक जड़ी, थोड़ी मात्रा में

सूखी भूम्यामलकी (भूमि आँवला) की चुटकी की पतली चाय, कभी-कभार। पारंपरिक उपयोग; लिवर, गुर्दे या मधुमेह की दवाओं में पहले डॉक्टर से पूछें।

फोटो में पतली हल्की हरी चाय का काँच का कप है, पास में सूखी छोटी पत्तियों की कटोरी और छोटे फलों वाली भूमि आँवला की ताज़ी टहनी है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

छोटा खरपतवार, बड़ी साख

भूमि आँवला (फ़िलैन्थस निरूरी) छोटी जड़ी है जिसकी डंडी के नीचे छोटी पत्तियाँ और छोटे गोल फल लगते हैं। यह पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल होती है और वेलनेस कंटेंट में इसे अक्सर लिवर से जोड़ा जाता है। मनुष्यों पर प्रमाण सीमित हैं और इसे खुद से शुरू नहीं करना चाहिए।

आज़माना चाहें तो डॉक्टर से बात करने के बाद ही सूखी जड़ी की चुटकी गर्म पानी में पाँच मिनट भिगोकर छोटा कप पिएँ। यह पारंपरिक चाय है, लिवर की बीमारी या पीलिया का इलाज नहीं।

सामग्री

  • एक चुटकी (¼ छोटा चम्मच) सूखा भूमि आँवला
  • 1 कप गर्म पानी

बनाने की विधि

  1. जड़ी को गर्म पानी में पाँच मिनट भिगोएँ।
  2. छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • डॉक्टर की सहमति से कभी-कभार छोटा कप पिएँ।
  • रोज़ न लें।

मददगार आदतें

  • भरोसेमंद स्रोत से खरीदें।
  • पौधे की सही पहचान करें।

सावधानियाँ

  • खासकर लिवर, गुर्दे या मधुमेह की दवाओं में पहले डॉक्टर से पूछें।
  • गर्भावस्था और स्तनपान में न लें।
  • पीलिया या लिवर रोग में चिकित्सा चाहिए।
  • पारंपरिक चाय है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह लिवर का इलाज है?

नहीं, लिवर रोग ठीक करने का कोई प्रमाण नहीं है।

क्या यह आँवले जैसा है?

नहीं, यह अलग पौधा है।

क्या ताज़ा ले सकते हैं?

सूखी की मात्रा नापना आसान है।