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नाश्ते से पहले ताज़े करी पत्ते चबाना

सुबह आठ-दस ताज़े करी पत्ते चबाना, शुगर का ध्यान रखने वालों में दक्षिण भारत की लोकप्रिय आदत। यह क्या कर सकती है और क्या नहीं।

चित्र में करी पत्ता की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

करी पत्ता के बारे में ज़रूरी बातें

करी पत्ता वह खुशबूदार पत्ता है जो दक्षिण भारतीय तड़के में चटकाया जाता है। यह खुशबू और थोड़ा फ़ाइबर देता है और पारंपरिक रूप से बालों और पाचन से जोड़ा जाता है।

करी पत्तों में रेशा और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, और जानवरों पर अध्ययनों में शुगर घटाने के संकेत हैं। इंसानों पर प्रमाण सीमित हैं। कुछ पत्ते चबाना ज़्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है और हरी पत्तियाँ जोड़ता है, पर यह इलाज नहीं है।

सामग्री

  • 8 से 10 ताज़े करी पत्ते

बनाने की विधि

  1. पत्ते अच्छी तरह धोएँ, हो सके तो बिना कीटनाशक वाले पौधे के।

इस्तेमाल का तरीका

  • हफ़्ते में कुछ दिन नाश्ते से पहले धीरे-धीरे चबाएँ।
  • खाना पकाने में भी करी पत्ते भरपूर डालें।

मददगार आदतें

  • धूप वाली बालकनी में करी पत्ते का गमला अच्छा उगता है।

सावधानियाँ

  • दवा ले रहे हों तो शुगर जाँचते रहें।
  • अच्छी तरह धोएँ; बाज़ार के पत्तों पर कीटनाशक हो सकते हैं।
  • शुगर की जाँच करते रहें; इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर को बताएँ, दवा की मात्रा देखनी पड़ सकती है।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पूरे निगल सकते हैं?

चबाना बेहतर है; ये रेशेदार होते हैं।

क्या घर पर उगा सकते हैं?

हाँ, करी पत्ता धूप वाले गमले में अच्छा उगता है।

क्या करी पत्ते फ्रीज़ कर सकते हैं?

हाँ, धोकर, सुखाकर फ्रीज़ करें; हफ़्तों तक खुशबू बनी रहती है।