मुँह की देखभाल3 मिनट
दिन में एक बार फ़्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश
दाँतों के बीच दिन में एक बार सफ़ाई करें ताकि ब्रश से छूटा खाना निकल जाए। सौम्य आदत; मसूड़ों से ज़्यादा खून आए तो दंत चिकित्सक को दिखाएँ।

जहाँ ब्रश नहीं पहुँचता वहाँ सफ़ाई
टूथब्रश दाँतों की लगभग दो-तिहाई सतह ही साफ़ करता है। दाँतों के बीच फँसा खाना और प्लाक समय के साथ मसूड़ों की परेशानी बन सकते हैं। फ़्लॉस या छोटा इंटरडेंटल ब्रश उन जगहों तक पहुँचता है।
फ़्लॉस को हर दाँत के चारों ओर C आकार में हल्के से सरकाएँ, या अपने अंतराल के नाप का ब्रश लें। शुरू में खून आना अक्सर एक-दो हफ़्ते में ठीक हो जाता है। यह मुँह की सफ़ाई की आदत है, मसूड़ों की बीमारी का इलाज नहीं।
सामग्री
- डेंटल फ़्लॉस या छोटा इंटरडेंटल ब्रश
- आईना
बनाने की विधि
- लगभग 40 सेंटीमीटर फ़्लॉस तोड़ें।
- दंत चिकित्सक के सुझाए नाप का ब्रश लें।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन में एक बार, बेहतर है रात को, दाँतों के बीच साफ़ करें।
- बाद में पानी से कुल्ला करें।
मददगार आदतें
- मसूड़ों पर नरमी रखें।
- मदद करे तो फ़्लॉस होल्डर लें।
सावधानियाँ
- लगातार या ज़्यादा खून आए तो दंत चिकित्सक को दिखाएँ।
- फ़्लॉस ज़बरदस्ती न घुसाएँ।
- आदत है, इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या फ़्लॉस से दाँत ढीले होते हैं?
- नहीं, यह प्लाक हटाता है।
फ़्लॉस या ब्रश?
- जो रोज़ इस्तेमाल करें।
क्या ब्रेसेस में ठीक है?
- विशेष फ़्लॉस लें या दंत चिकित्सक से पूछें।





