रोग प्रतिरोधक क्षमता30 मिनट
हरिद्रा खंड: सर्दियों की छोटी हल्दी मिठाई
हरिद्रा खंड का घरेलू रूप, घी में भुनी हल्दी थोड़ी चीनी और मसालों के साथ, सर्दियों में, ख़ासकर मौसमी छींकों में, छोटे चम्मच भर।

हल्दी के बारे में ज़रूरी बातें
हल्दी भारतीय रसोई का रोज़ का पीला मसाला है। इसका मुख्य तत्व करक्यूमिन अकेले शरीर में कम सोखा जाता है, इसीलिए पारंपरिक नुस्खों में इसे घी या दूध जैसी चिकनाई और चुटकी भर काली मिर्च के साथ लिया जाता है।
हरिद्रा खंड शास्त्रीय आयुर्वेदिक योग है, जो पारंपरिक रूप से एलर्जी वाले मौसम में लिया जाता है। घरेलू रूप में हल्दी, घी, थोड़ी चीनी या मिश्री और गर्म मसाले होते हैं। इसमें फिर भी चीनी है, इसलिए मात्रा कम रखें।
सामग्री
- 2 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर
- 1 बड़ा चम्मच घी
- 3 बड़े चम्मच पिसी मिश्री
- चुटकी-चुटकी भर सोंठ, काली मिर्च और इलायची
बनाने की विधि
- हल्दी को घी में धीमी आँच पर खुशबू आने तक दो मिनट भूनें।
- ठंडा करके मिश्री और मसाले मिलाएँ; सूखे डिब्बे में रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- सर्दियों में दिन में एक बार ½ छोटा चम्मच गुनगुने पानी या दूध के साथ, दो हफ़्ते तक लें।
मददगार आदतें
- साबुत हल्दी या भरोसेमंद ब्रांड लें; खुला चटक पाउडर मिलावटी हो सकता है।
सावधानियाँ
- डायबिटीज़ या पित्त की पथरी वाले डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
- ज़्यादा मात्रा से पेट खराब हो सकता है; खून पतला करने की दवा लेते हों या पित्त की पथरी हो तो डॉक्टर से पूछें।
- खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह फ़ार्मेसी वाले उत्पाद जैसा है?
- शास्त्रीय योग में ज़्यादा चीज़ें होती हैं; यह रसोई का आसान रूप है।
क्या बच्चे ले सकते हैं?
- बड़े बच्चे कभी-कभार चौथाई छोटा चम्मच ले सकते हैं।
क्या हल्दी दाग छोड़ती है?
- हाँ, त्वचा, नाखून और कपड़े पर; त्वचा से एक-दो दिन में हल्का हो जाता है।





