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त्वचा5 मिनट

रूखी, काली कोहनियों के लिए हल्दी और नारियल तेल

रात को खुरदरी, रूखी कोहनियों और घुटनों पर नारियल तेल की कुछ बूँदें चुटकी भर हल्दी के साथ मलें।

चित्र में नारियल, हल्दी की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

घर पर हल्दी का समझदारी से इस्तेमाल

हल्दी भारतीय रसोई का रोज़ का पीला मसाला है। इसका मुख्य तत्व करक्यूमिन अकेले शरीर में कम सोखा जाता है, इसीलिए पारंपरिक नुस्खों में इसे घी या दूध जैसी चिकनाई और चुटकी भर काली मिर्च के साथ लिया जाता है।

रगड़ और रूखेपन से कोहनियाँ और घुटने खुरदरे और गहरे हो जाते हैं। नियमित तेल लगाने से त्वचा नरम होती है, और चुटकी भर हल्दी पारंपरिक चीज़ है। ज़ोर से रगड़ने की बजाय हल्की, नियमित देखभाल बेहतर काम करती है।

सामग्री

  • 1 छोटा चम्मच नारियल तेल
  • चुटकी भर हल्दी

बनाने की विधि

  1. तेल थोड़ा गुनगुना करें और हल्दी मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • रात को कोहनियों और घुटनों पर एक मिनट मालिश करें।
  • ज़्यादा तेल पोंछ दें और सोते समय पुराने कपड़े पहनें।

मददगार आदतें

  • साबुत हल्दी या भरोसेमंद ब्रांड लें; खुला चटक पाउडर मिलावटी हो सकता है।

सावधानियाँ

  • हल्दी कपड़ों पर दाग छोड़ सकती है।
  • ज़्यादा मात्रा से पेट खराब हो सकता है; खून पतला करने की दवा लेते हों या पित्त की पथरी हो तो डॉक्टर से पूछें।
  • चेहरे पर लगाने से 24 घंटे पहले बाँह के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट करें।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या काली कोहनियाँ रगड़नी चाहिए?

सिर्फ़ हल्के से, हफ़्ते में एक बार; ज़ोर से रगड़ने से कालापन बढ़ता है।

फ़र्क़ कितने समय में दिखेगा?

नरमी कुछ दिनों में; रंग में बदलाव हफ़्तों में।

क्या हल्दी दाग छोड़ती है?

हाँ, त्वचा, नाखून और कपड़े पर; त्वचा से एक-दो दिन में हल्का हो जाता है।