बाल20 मिनट
गुड़हल, आंवला और शिकाकाई से बालों की हर्बल धुलाई
गुड़हल, आंवला और शिकाकाई पाउडर से कम झाग वाली हल्की धुलाई, उनके लिए जो तेज़ शैम्पू से विराम चाहते हैं।

घर पर गुड़हल का समझदारी से इस्तेमाल
गुड़हल के फूल और पत्ते बालों के पैक और खट्टी लाल चाय में इस्तेमाल होते हैं। कुछ अध्ययनों में गुड़हल की चाय से BP थोड़ा कम होने के संकेत मिले हैं।
ये तीन जड़ियाँ पारंपरिक भारतीय बालों की देखभाल की रीढ़ हैं। यह धुलाई हल्की सफ़ाई करती है और बाल नरम छोड़ती है, हालाँकि शैम्पू जैसा झाग नहीं देती और एक बार में भारी तेल नहीं हटा पाती।
सामग्री
- 1 बड़ा चम्मच गुड़हल पाउडर
- 1 बड़ा चम्मच आंवला पाउडर
- 2 बड़े चम्मच शिकाकाई पाउडर
- गुनगुना पानी
बनाने की विधि
- पाउडरों को गुनगुने पानी में पतला लेप बनाकर 10 मिनट रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- गीली स्कैल्प और बालों पर दो मिनट मलें।
- गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें। हफ़्ते में एक-दो बार।
मददगार आदतें
- बिना कीटनाशक वाले पौधे के लाल, एक परत वाले फूल लें।
सावधानियाँ
- धोते समय आँखें बंद रखें; शिकाकाई चुभती है।
- गुड़हल की चाय BP कम कर सकती है; BP की दवा लेते हों या BP कम रहता हो तो सावधानी रखें।
- गर्भावस्था में इसकी चाय न लें।
- पहले कान के पीछे पैच टेस्ट करें; कटी या सूजी हुई स्कैल्प पर न लगाएँ।
- अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इससे तेल पूरी तरह निकलेगा?
- आमतौर पर दो बार में; ज़रूरत हो तो हल्का शैम्पू लगा सकते हैं।
क्या रंगे बालों पर लगा सकते हैं?
- हाँ, पर आंवला मेहंदी या डाई का रंग थोड़ा बदल सकता है।
क्या दुकान का सूखा गुड़हल ले सकते हैं?
- हाँ, चाय के लिए बिकने वाले सूखे फूल अच्छे रहते हैं।



