बच्चों की खाँसी के घरेलू उपाय: गुनगुने पेय, शावर की भाप और एक साल से बड़े बच्चों के लिए शहद
बच्चे की खाँसी पूरे घर की नींद उड़ा देती है। बच्चों की खाँसी के ये घरेलू उपाय गले को आराम देते हैं और बलगम सुरक्षित तरीक़े से ढीला करते हैं: दिन भर गुनगुने पेय, गरम शावर की भाप, रात में सिर थोड़ा ऊँचा और सिर्फ़ एक साल से बड़े बच्चों के लिए सोने से पहले थोड़ा शहद।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
बच्चों की ज़्यादातर खाँसी वायरल होती है
बच्चों की ज़्यादातर खाँसी ज़ुकाम के साथ आती है और दो-तीन हफ़्ते में ठीक हो जाती है, भले आवाज़ डरावनी लगे। छोटे बच्चों के लिए खाँसी की दवाओं की आम तौर पर सलाह नहीं दी जाती; आराम देने वाली देखभाल ही मुख्य इलाज है। खाँसी अस्थमा, निमोनिया या काली खाँसी का संकेत भी हो सकती है, इसलिए चेतावनी संकेतों पर नज़र रखें।
भारत में बच्चों की पारंपरिक घरेलू देखभाल गर्माहट, आराम, हल्का खाना और तुलसी या अजवाइन की भाप पर टिकी है, और शहद सिर्फ़ एक साल से बड़े बच्चों के लिए।
सामग्री
- गुनगुना पानी, पतला सूप, दाल का पानी या गुनगुना दूध
- ½–1 छोटा चम्मच शहद (सिर्फ़ 1 साल से बड़े बच्चों के लिए)
- कुछ तुलसी पत्ते (बाथरूम की भाप के लिए, चाहें तो)
- बंद नाक के लिए सलाइन नेज़ल ड्रॉप्स
बनाने की विधि
- पेय को आराम से पीने लायक़ गुनगुना कर लें।
- दरवाज़ा बंद करके गरम शावर चलाएँ ताकि बाथरूम भाप से भर जाए।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन भर बार-बार गुनगुने पेय दें।
- सोने से पहले 10 मिनट बच्चे के साथ भाप भरे बाथरूम में बैठें (गरम पानी के नीचे नहीं)।
- 1 साल से बड़े बच्चों को सोते समय ½ छोटा चम्मच शहद (6 साल से ऊपर 1 छोटा चम्मच) दें; बड़े बच्चों के गद्दे का सिरहाना थोड़ा ऊँचा करें।
मददगार आदतें
- बच्चे को धुएँ, अगरबत्ती और मच्छर कॉइल से दूर रखें।
- आराम करने दें और हल्का, गर्म खाना दें।
- बंद नाक वाले शिशुओं को दूध पिलाने और सुलाने से पहले सलाइन ड्रॉप्स डालें।
सावधानियाँ
- 1 साल से छोटे शिशु को शहद कभी न दें (इन्फ़ैंट बोटुलिज़्म का ख़तरा)।
- 6 साल से छोटे बच्चों को डॉक्टर की सलाह के बिना बाज़ार की खाँसी-ज़ुकाम की दवा न दें, और बड़ों की दवा कभी न दें। बर्तन की सीधी भाप बच्चे के पास न रखें; जलने का ख़तरा है।
- तेज़ या मुश्किल साँस, पसलियाँ अंदर खिंचना, होंठ नीले पड़ना, घरघराहट, तेज़ बुखार, 3 महीने से छोटे शिशु को खाँसी, 'हूप' जैसी आवाज़, 3 हफ़्ते से ज़्यादा खाँसी, या बच्चा असामान्य रूप से सुस्त हो या पानी न पी रहा हो — तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चे की खाँसी का सुरक्षित घरेलू उपाय क्या है?
- गुनगुने पेय, शावर की भाप, आराम और धुआँ-रहित साफ़ घर। एक साल से बड़े बच्चों के लिए सोते समय थोड़ा शहद पारंपरिक और आम तौर पर सुझाया जाने वाला विकल्प है।
क्या बच्चे को तुलसी या अदरक दे सकते हैं?
- एक साल से बड़े बच्चों के लिए तुलसी की भाप या बहुत हल्का तुलसी का पानी भारतीय घरों में आम है। तेज़ अदरक या काढ़ा छोटे पेट को परेशान कर सकता है, इसलिए मात्रा कम रखें और बच्चों के डॉक्टर से पूछें।
बच्चों की खाँसी कितने दिन रहती है?
- ज़ुकाम के बाद खाँसी दो-तीन हफ़्ते रह सकती है। इससे ज़्यादा रहे, बढ़ती जाए या साँस में दिक़्क़त हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।







