मुँह की देखभाल5 मिनट
दुखते मसूड़ों पर मुलेठी का लेप
मुलेठी चूर्ण की चुटकी दुखते मसूड़े पर लगाएँ और कुछ मिनट बाद कुल्ला करके हटा दें। कुल्ला थूक दें। यह संक्रमण का इलाज नहीं।

दुखते मसूड़ों पर मुलेठी की चुटकी
मुलेठी का चूर्ण मीठा और चिपचिपा होता है, इसलिए एक चुटकी थोड़ी देर दुखते मसूड़े पर रह सकती है। फिर उसे पूरा धो दिया जाता है। यह पन्ना मुलेठी निगलने या रोज़ पूरक की तरह लेने को नहीं कहता।
जिन्हें मुलेठी मना हो, जिनमें रक्तचाप की देखभाल वाले कुछ लोग भी हैं, वे लेप न निगलें और बार-बार लगाने से पहले डॉक्टर से पूछें। देर तक रहने वाला छाला, सफेद धब्बा या सूजन पर और चूर्ण नहीं, दाँतों के डॉक्टर चाहिए।
सामग्री
- मुलेठी चूर्ण की एक चुटकी
- बाद के कुल्ले के लिए 1 कप पानी
- मुलेठी बची रहे तो पानी का एक और छोटा छींटा
बनाने की विधि
- साफ उंगली या रुई पर मुलेठी की चुटकी लें।
- पानी का कप तैयार रखें ताकि कुल्ला समय पर हो सके।
इस्तेमाल का तरीका
- चूर्ण दुखते मसूड़े पर लगाएँ और केवल कुछ मिनट रहने दें।
- अच्छी तरह कुल्ला करें और मिठास जाते तक पानी थूक दें।
- कभी-कभार लगाएँ, रात भर छोड़ा लेप नहीं।
मददगार आदतें
- पूरी सूखी जगह से हल्का नम मसूड़ा चुटकी को बेहतर थामता है।
- इस मुलेठी को बड़े पेय में न घोलें।
सावधानियाँ
- कुल्ला थूक दें। चूर्ण को खुराक की तरह न निगलें।
- मुलेठी मना हुई हो या रक्तचाप की दवा चल रही हो तो पहले डॉक्टर से पूछें।
- देर तक रहने वाले छाले, या सूजन और बुखार, पर दाँतों के डॉक्टर या डॉक्टर दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मसूड़ों पर लगाने के बाद मुलेठी निगलें?
- नहीं। कुछ मिनट बाद धोएँ और पानी थूक दें।
क्या मुलेठी मसूड़ों का संक्रमण मिटाती है?
- नहीं। एक चुटकी दाँतों का इलाज नहीं। देर तक छाले या सूजन पर दाँतों के डॉक्टर दिखाएँ।
मुलेठी में किसे सावधानी चाहिए?
- जिन्हें मुलेठी मना हो, रक्तचाप की दवा वाले कुछ लोग भी, वे बार-बार इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से पूछें और निगलें नहीं।



