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मसूड़ों पर तिल के तेल की मालिश

साफ उंगली से मसूड़ों पर तिल के तेल की एक बूँद मलें, फिर थूककर कुल्ला करें। यह मुँह की आदत है, मसूड़ों की बीमारी का इलाज नहीं।

रसोई के नल के पास शेल्फ पर पीतल की छोटी चम्मच में तिल का तेल और मुड़ा सूती रुमाल।

मसूड़ों पर तिल के तेल की एक बूँद

मसूड़ों पर थोड़ा तेल मलना पुरानी रसोई आदत है। यहाँ मात्रा एक बूँद है, देर तक मुँह में रखा बड़ा घूँट नहीं। तेल हल्के से फैलाकर थूक दिया जाता है, ताकि वह निगलने की चीज़ न बने।

उंगली मुँह में जाने से पहले हाथ धोएँ। नई रक्तस्राव, हिलता दाँत, सूजन या चबाने में दर्द हो तो दाँतों के डॉक्टर के पास जाएँ। तेल संक्रमण नहीं मिटाता।

सामग्री

  • तिल के तेल की 1 बूँद से चौथाई छोटा चम्मच
  • पहली बूँद आगे के मसूड़ों पर न पहुँचे तभी उसी तिल के तेल की कुछ और बूँदें
  • कमरे के तापमान वाला तिल का तेल, गर्म करके खौलता नहीं

बनाने की विधि

  1. हाथ धोकर साफ तर्जनी पर तिल के तेल की एक बूँद लें।
  2. तेल फ्रिज जैसा ठंडा हो तो तब तक रखें जब तक सामान्य लगे, गर्म नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

  • बाहरी मसूड़ों पर आधे मिनट हल्के से मलें, फिर तेल थूक दें।
  • सादे पानी से कुल्ला करें और उसे भी थूक दें।
  • दिन में ज़्यादा से ज़्यादा एक बार, और ब्रश अपनी तरह जारी रखें।

मददगार आदतें

  • नाश्ते से पहले आसान समय है, क्योंकि बाद में मुँह धुल जाता है।
  • मात्रा छोटी है। बड़ा घूँट यह तरीका नहीं।

सावधानियाँ

  • तिल का तेल थूक दें। निगलें नहीं।
  • मसूड़े चुभें, सूजें, या ब्रश जितना सामान्य बिंदु से ज़्यादा खून आए तो रोक दें।
  • यह मसूड़ों की बीमारी, छाले या दाँत के संक्रमण का इलाज नहीं। उसके लिए दाँतों के डॉक्टर दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मसूड़ों पर मलने के बाद तिल का तेल निगलें?

नहीं। तेल थूक दें, फिर पानी से कुल्ला करके उसे भी थूक दें।

क्या तिल का तेल मसूड़ों की बीमारी मिटाता है?

नहीं। यह हल्की मुँह की आदत है। ब्रश या दाँतों के डॉक्टर की जगह नहीं।

मसूड़ों पर तिल का तेल कितना लगाएँ?

एक बूँद, ज़्यादा हो तो चौथाई छोटा चम्मच। उससे अधिक बेहतर नहीं।
सभी देखें: दाँतों और मसूड़ों के घरेलू उपाय