रोग प्रतिरोधक क्षमता5 मिनट
मसाला छाछ में मोरिंगा पाउडर
भुने जीरे और नमक वाली छाछ में आधा चम्मच मोरिंगा पाउडर फेंटकर, गर्मियों में दोपहर के खाने का आसान पेय।

भारतीय घरों में मोरिंगा
मोरिंगा (सहजन) के पत्तों में आयरन, कैल्शियम और विटामिन A भरपूर होता है। भारतीय घरों में इन्हें दाल, सांभर और थेपले में पकाया जाता है, और अब सूखे पत्तों का पाउडर भी खूब बिकता है।
मोरिंगा पाउडर अकेले घास जैसा लग सकता है। इसे मसाला छाछ में फेंटने से स्वाद छिप जाता है और रोज़ के पेय में थोड़ा आयरन, कैल्शियम और विटामिन A जुड़ जाता है।
सामग्री
- ½ छोटा चम्मच मोरिंगा पाउडर
- 1 गिलास पतली छाछ
- चुटकी भर भुना जीरा पाउडर
- चुटकी भर काला नमक
बनाने की विधि
- सब कुछ चिकना होने तक फेंटें।
इस्तेमाल का तरीका
- हफ़्ते में तीन-चार बार दोपहर के खाने के साथ पिएँ।
- हर बार ताज़ा बनाएँ।
मददगार आदतें
- चटक हरा पाउडर जिसमें सूखे पत्तों जैसी खुशबू हो, ताज़ा है।
सावधानियाँ
- मोरिंगा नया हो तो ¼ छोटे चम्मच से शुरू करें।
- मोरिंगा की जड़ और छाल न लें; खाने में सिर्फ़ पत्ते और फलियाँ ली जाती हैं।
- थायरॉइड या शुगर की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें।
- यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गर्म खाने में डाल सकते हैं?
- हाँ, पकने के बाद, ताकि पोषक तत्व ज़्यादा बचें।
क्या बच्चों के लिए सुरक्षित है?
- बड़े बच्चों के खाने में छोटी चुटकी ठीक है।
दिन में कितना मोरिंगा पाउडर?
- खाने में आधा से एक छोटा चम्मच काफ़ी है।




