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घर का नीम-लौंग दंत मंजन

सूखी नीम पत्ती का पाउडर, लौंग और थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर बना पारंपरिक मंजन, कभी-कभी मसूड़ों की मालिश के लिए। इसे सौम्य कैसे बनाएँ।

चित्र में नीम, लौंग, सेंधा नमक की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

नीम का इस्तेमाल ऐसे क्यों

नीम वह कड़वा पेड़ है जिसकी पत्तियाँ, दातून और तेल भारतीय घरों में त्वचा, स्कैल्प और दाँतों के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसका इस्तेमाल ज़्यादातर बाहर से होता है; खाने में नीम कम और कभी-कभार ही लिया जाता है।

भारत में सदियों से नीम की दातुन और जड़ी-बूटी वाले मंजन मुँह की देखभाल के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं, और कुछ अध्ययनों में नीम का मसूड़ों के बैक्टीरिया पर असर दिखा है। खुरदरे, किरकिरे पाउडर दाँतों का इनेमल घिस सकते हैं, इसलिए इसे बारीक रखें, हल्के हाथ से लगाएँ, और फ़्लोराइड टूथपेस्ट भी इस्तेमाल करें।

सामग्री

  • 2 बड़े चम्मच सूखी नीम पत्ती का पाउडर
  • ½ छोटा चम्मच लौंग पाउडर
  • ½ छोटा चम्मच बारीक सेंधा नमक
  • साफ़, सूखा डिब्बा

बनाने की विधि

  1. पाउडर मिलाएँ और बहुत बारीक रखने के लिए छान लें।
  2. एयरटाइट डिब्बे में रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • गीली उँगली पर चुटकी भर लेकर हफ़्ते में दो-तीन बार एक मिनट मसूड़ों की हल्की मालिश करें।
  • अच्छी तरह कुल्ला करें; ब्रश के लिए फ़्लोराइड टूथपेस्ट जारी रखें।

मददगार आदतें

  • ताज़ी हरी पत्तियाँ लें; सूखी पीली पत्तियों में खुशबू कम रह जाती है।

सावधानियाँ

  • कोयला या मोटे पाउडर न लें। निगलें नहीं। मसूड़ों से ख़ून या सूजन हो तो दाँतों के डॉक्टर को दिखाएँ।
  • नीम का तेल कभी न निगलें और बच्चों को कभी न दें।
  • गर्भावस्था में या गर्भधारण की कोशिश के दौरान नीम न खाएँ।
  • दिन में दो बार ब्रश करते रहें; दर्द, सूजन या दो हफ़्ते से ज़्यादा रहने वाले छाले पर डेंटिस्ट को दिखाएँ।
  • अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह टूथपेस्ट की जगह ले सकता है?

नहीं; फ़्लोराइड टूथपेस्ट कीड़ों से बचाता है।

क्या नीम की दातुन बेहतर है?

धीरे चबाएँ तो दातुन ठीक है; रोज़ नई लें।

क्या नीम रोज़ इस्तेमाल कर सकते हैं?

त्वचा और स्कैल्प पर हफ़्ते में कुछ बार ठीक है; रोज़ खाने की सलाह नहीं दी जाती।