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त्वचा3 मिनट

धुएँ और धूल के बाद ठंडे पानी से धुलाई

धुएँ या धूल भरी हवा से घर लौटकर चेहरे और हाथों को साफ़ ठंडे पानी से धोएँ और थपथपाकर सुखाएँ। प्रदूषण के मौसम की साफ़-सफ़ाई की आदत।

फोटो में वॉशबेसिन के पास स्टील का मग, साबुन की टिक्की, तह किए तौलिये और छोटा गोल आईना है।

दिन की धूल धो डालें

दिवाली के बाद और प्रदूषण के मौसम में बारीक धूल और धुआँ त्वचा पर जम जाते हैं। घर आते ही चेहरा और हाथ धोने से उसका बड़ा हिस्सा जलन करने से पहले हट जाता है।

साफ़ ठंडा पानी, ज़रूरत हो तो हल्का क्लींज़र और नरम तौलिया लें। ज़ोर से न रगड़ें, इससे जलन हो सकती है। यह सफ़ाई की आदत है, त्वचा या फेफड़ों की समस्या का इलाज नहीं।

सामग्री

  • साफ़ ठंडा पानी
  • हल्का क्लींज़र
  • नरम सूती तौलिया

बनाने की विधि

  1. वॉशबेसिन के पास तौलिया और हल्का क्लींज़र रखें।
  2. बाहर के जूते उतारें और पहले हाथ धोएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • चेहरा, गर्दन और हाथ धोएँ।
  • थपथपाकर सुखाएँ और थोड़ा मॉइस्चराइज़र लगाएँ।

मददगार आदतें

  • आँखों में जलन हो तो साफ़ पानी से हल्के धोएँ।
  • बहुत धुएँ वाले दिन के बाद कपड़े बदल लें।

सावधानियाँ

  • ज़ोर से न रगड़ें।
  • आँख या त्वचा में लगातार जलन हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
  • सफ़ाई की आदत है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ठंडा पानी बेहतर है?

यह सौम्य है और ज़्यादातर त्वचा के लिए ठीक है।

क्या साबुन चाहिए?

सिर्फ़ हल्का क्लींज़र, दिन में एक बार काफ़ी है।

क्या इससे फेफड़ों की सुरक्षा होती है?

नहीं, यह सिर्फ़ त्वचा की धूल हटाता है।
सभी देखें: त्वचा की देखभाल के घरेलू उपाय