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घर पर ताज़ा दही जमाना

गुनगुना दूध, पिछली बार की दही का एक चम्मच और गर्म कोने में एक रात, और दोपहर की थाली के लिए सादा ताज़ा दही तैयार। घर का सादा भोजन है, सप्लीमेंट या इलाज नहीं।

फोटो में मिट्टी के बर्तन में ताज़ा जमा सफ़ेद दही, साथ में स्टील का दूध का जग और जामन की छोटी कटोरी।

साफ़ बर्तन में रात भर जमी दही

दही गुनगुने दूध में कल की दही का एक चम्मच मिलाकर कुछ घंटे बिना हिलाए रखने से जमती है। यह अधिकतर भारतीय घरों का रोज़ का भोजन है और दोपहर के लिए अच्छा चुनाव है। बहुत लोग पेट के लिए अनुकूल भोजन खोज रहे हैं, और दही उनमें से एक है। यह थाली का भोजन है, प्रोबायोटिक कोर्स या इलाज नहीं।

साफ़ बर्तन और उबालकर गुनगुना किया दूध लें, गरम नहीं। सर्दी में बर्तन गर्म कोने में रखें; गर्मी में दही जल्दी जमती है। ताज़ी दही दो-तीन दिन में खा लें। दूध या दही से परेशानी हो तो न लें, और शिशु को डॉक्टर की सलाह के बिना न दें।

सामग्री

  • 500 मिली उबला दूध, गुनगुना किया हुआ
  • 1 छोटी चम्मच पिछली बार की ताज़ी दही
  • ढक्कन वाला साफ़ स्टील या मिट्टी का बर्तन

बनाने की विधि

  1. दूध को इतना गुनगुना करें कि उँगली कुछ देर टिक सके, फिर बर्तन में डालें।
  2. दही मिलाकर ढकें और 6 से 8 घंटे गर्म, स्थिर जगह पर रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • दोपहर के भोजन में एक छोटी कटोरी खाएँ।
  • अगली बार के लिए इसी बैच से एक चम्मच बचाकर रखें।

मददगार आदतें

  • जमते समय बर्तन को हिलाएँ या खिसकाएँ नहीं।
  • ज़्यादा खट्टी हो तो ज़्यादा देर रखी गई, अगली बार पहले देख लें।

सावधानियाँ

  • दूध या दही से पेट खराब या सर्दी होती हो तो न लें।
  • गुलाबी, फफूंद लगी या सड़ी गंध वाली हो तो फेंक दें।
  • पेट की बीमारियों का इलाज नहीं और दवा की जगह नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दही पतली क्यों रह गई?

दूध बहुत गरम या बहुत ठंडा रहा होगा, या जामन कम। गुनगुना दूध और पूरी चम्मच जामन आज़माएँ।

क्या घर की दही प्रोबायोटिक है?

इसमें जीवित कल्चर होते हैं, पर मात्रा तय नहीं होती, और यह भोजन है, सप्लीमेंट नहीं।

क्या शिशु को दे सकते हैं?

शिशु को दही देने से पहले डॉक्टर से पूछें।
सभी देखें: पेट की समस्याओं के घरेलू उपाय