मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics
बाल15 मिनट

रात भर भिगोई शिकाकाई फली और रीठे से धुलाई

साबुत शिकाकाई फलियाँ और रीठा रात भर भिगोकर, थोड़ी देर उबालकर और छानकर बना हल्का हर्बल शैम्पू पानी।

कटोरी, गिलास और पारंपरिक बर्तनों का आयुर्वेदिक रसोई चित्र।

घर पर शिकाकाई का समझदारी से इस्तेमाल

शिकाकाई की फलियाँ और रीठा मिलकर हल्का, कम झाग वाला हर्बल शैम्पू बनाते हैं, जिसे भारतीय परिवार शैम्पू आने से बहुत पहले इस्तेमाल करते थे।

पाउडर की जगह साबुत फलियाँ इस्तेमाल करने से साफ़ पानी बनता है जो आसानी से धुल जाता है। बोतल वाले शैम्पू से पहले कई दादी-नानी ऐसे ही बाल धोती थीं।

सामग्री

  • 6 से 8 शिकाकाई फलियाँ
  • 4 से 5 रीठे के छिलके
  • 2 कप पानी

बनाने की विधि

  1. फलियाँ तोड़कर रीठे के साथ रात भर भिगोएँ।
  2. 10 मिनट उबालें, ठंडा करें, हाथों से मसलकर छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • गीले बालों पर डालें, स्कैल्प पर मलें और अच्छी तरह धो लें।
  • हफ़्ते में एक-दो बार। फ्रिज में दो दिन चलता है।

मददगार आदतें

  • फलियों को रात भर लोहे या स्टील के बर्तन में भिगोएँ।

सावधानियाँ

  • बच्चों को रीठे का पानी आँखों के पास न लगाने दें।
  • यह आँखों में चुभता है; धोते समय आँखें बंद रखें।
  • पहले कान के पीछे पैच टेस्ट करें; कटी या सूजी हुई स्कैल्प पर न लगाएँ।
  • यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फलियाँ उबालते क्यों हैं?

इससे सफ़ाई करने वाले प्राकृतिक सैपोनिन ज़्यादा निकलते हैं।

क्या आंवला डाल सकते हैं?

हाँ, भिगोते समय कुछ सूखे आंवले के टुकड़े कंडीशनिंग बढ़ाते हैं।

क्या शिकाकाई शैम्पू जैसा झाग देगी?

थोड़ा ही; यह सामान्य है।