शहद में सितोपलादि चूर्ण, एक चुटकी
क्लासिक सितोपलादि चूर्ण की एक चुटकी थोड़े शहद में। इसमें मिश्री है, इसलिए डायबिटीज़ वाले डॉक्टर से पूछें, और शिशुओं के लिए नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
क्लासिक चूर्ण, बहुत छोटी मात्रा में
सितोपलादि चूर्ण मिश्री, वंशलोचन, पिप्पली, इलायची और दालचीनी का शास्त्रीय आयुर्वेदिक चूर्ण है, जिसे अक्सर गले की खराश के लिए शहद में लिया जाता है। इसे कई प्रतिष्ठित निर्माता बनाते हैं और यह खूब इस्तेमाल होता है। यह संक्रमण, दमा या छाती की किसी बीमारी का इलाज नहीं।
पैक पर लिखी अनुसार केवल एक चुटकी लें, ज़्यादा से ज़्यादा कुछ दिन। इसमें चीनी है, इसलिए ब्लड शुगर पर नज़र रखने वाले डॉक्टर से पूछें। बैच लेबल वाले प्रतिष्ठित निर्माता से लें। गर्भावस्था में डॉक्टर की सहमति के बिना न लें और शिशुओं को न दें। एक साल से छोटे शिशुओं को शहद नहीं देना चाहिए।
सामग्री
- सितोपलादि चूर्ण की एक चुटकी (अधिकतम चौथाई छोटी चम्मच)
- 1 छोटी चम्मच शहद
- साफ़ चम्मच
बनाने की विधि
- पैक पर खुराक और निर्माता देख लें।
- चुटकी भर चूर्ण शहद में मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- चम्मच को धीरे-धीरे चाटें, दिन में एक-दो बार, कुछ दिन।
- ऊपर से गुनगुने पानी का घूँट लें।
मददगार आदतें
- चूर्ण सूखे जार में रखें।
- सामग्री और खुराक के लिए लेबल पढ़ें।
सावधानियाँ
- इसमें चीनी है, इसलिए डायबिटीज़ में डॉक्टर से पूछें।
- गर्भावस्था में डॉक्टर की सहमति के बिना न लें और शिशुओं के लिए नहीं।
- हफ़्ते से ज़्यादा खाँसी, बुखार या साँस फूलने में डॉक्टर चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सितोपलादि बच्चों के लिए सुरक्षित है?
- केवल डॉक्टर की सलाह और तय खुराक में।
क्या इसमें चीनी है?
- हाँ, मिश्री मुख्य सामग्री है।
क्या हफ़्तों ले सकते हैं?
- नहीं। केवल कुछ दिन।




