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सुबह दो भीगे अंजीर, उसी भीगे पानी के साथ
रात भर भिगोए दो सूखे अंजीर सुबह का हल्का दाना हैं, उसी भीगे पानी के साथ। अंजीर भोजन रहता है, खाली पेट सूखे मेवे की बड़ी मुट्ठी नहीं।

सुबह के अंजीर, सूखे नहीं भीगे
सूखे अंजीर मीठे होते हैं और उनमें बारीक बीज भरे होते हैं। जल्दी में सूखे खाने पर सख्त लग सकते हैं। रात भर पानी में रहने से सुबह की कटोरी नरम होती है, और भीगे पानी में वही हल्की मिठास आ जाती है।
आयुर्वेद पेट के सूखे, अटके अहसास को वात के सूखेपन से जोड़ता है। नरम भीगा फल नाश्ते के हिस्से की तरह उस सूखेपन को शांत कर सकता है। दर्द, खून या मल में अचानक बदलाव हो तो यह डॉक्टर का विकल्प नहीं है।
सामग्री
- दो सूखे अंजीर
- पानी की एक छोटी कटोरी
- भीगे अंजीर खाने के लिए चम्मच
बनाने की विधि
- दो सूखे अंजीर धोकर रात भर पानी में डुबोकर रखें।
- सुबह नरम अंजीर खाएँ और भीगा पानी पी लें।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह लें, जागने के कुछ देर बाद।
- दो पर रुकें। सूखे अंजीर की थाली अलग, भारी नाश्ता है।
- अच्छी तरह चबाएँ, खासकर बीज।
मददगार आदतें
- अंजीर बहुत सूखे हों तो भिगोने से पहले ऊपर हल्का चीरा लगाएँ ताकि पानी अंदर जाए।
- पीने का पानी लें और कटोरी को रात भर ढककर रखें।
सावधानियाँ
- मात्रा दो है। ज़्यादा सूखा मेवा भारी और बहुत मीठा लग सकता है।
- दुकान के अंजीर अच्छी तरह धोएँ। खट्टी सड़ी महक हो तो फेंक दें।
- सिर्फ़ सुबह का सहायक भोजन है, डॉक्टर का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बिना भिगोए खा सकते हैं?
- खा सकते हैं, पर यह उपाय भीगा फल और भीगा पानी है, जो सुबह ज़्यादा हल्का रहता है।
क्या भीगा पानी पीना ठीक है?
- रात भर का पानी ताज़ा महके तो पी लें। कई दिन रखा पानी न पिएँ।
क्या दूध मिलाएँ?
- इस आदत में नहीं। सूखे अंजीर और भीगा पानी ही रखें।





