बच्चे के लिए भाप में नरम मसला सेब
छिला सेब भाप में नरम करके मसला जाता है, उस बच्चे के लिए जो पहले से फल खाता हो। शहद न मिलाएं। यह चिकित्सकीय सलाह नहीं और खांसी या कब्ज का इलाज नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
छिला सेब, भाप में पका और मसला, बिना शहद
छिले सेब को थोड़े पानी की भाप में तब तक पकाना जब तक चम्मच से मसल जाए, उस बच्चे के लिए नरम फल का कटोरा है जो पका फल पहले से खाता हो। दालचीनी की बहुत छोटी चुटकी तभी डालें जब बच्चा उसे पहले से सहन करता हो। कटोरे में शहद नहीं है, खट्टे सेब को मीठा करने के लिए भी नहीं। यह आम खाना है, चिकित्सकीय सलाह नहीं, और खांसी, कब्ज, बुखार या कम भूख का इलाज नहीं।
छह महीने से छोटे शिशु को न दें, और अकेले तय किया पहला भोजन भी न बनाएं। बच्चे के पास बैठें और कोई सख्त टुकड़ा मसल दें। घरघराहट हो, बच्चा पी न रहा हो, या खांसी टिकी हो तो और सेब जोड़ने के बजाय डॉक्टर को दिखाएं।
सामग्री
- एक सेब, छिला और बीज निकले हुए
- भाप के बर्तन में थोड़ा पानी
- दालचीनी की बहुत छोटी चुटकी, केवल जब बच्चे को पहले से सूट करती हो
बनाने की विधि
- सेब छीलकर बीज निकालें, टुकड़े करें, और थोड़े पानी की भाप पर तब तक पकाएं जब तक पूरी तरह नरम हो जाए।
- बारीक मसल लें। दालचीनी केवल बहुत छोटी चुटकी, अगर बच्चा पहले से खाता हो। शहद न मिलाएं।
इस्तेमाल का तरीका
- छोटा कटोरा उस बच्चे को दें जो नरम फल पहले से खाता हो।
- गुनगुना परोसें, और खाते समय पास रहें।
- एक छोटा कटोरा काफी है। यह नाश्ता है, दवा नहीं।
मददगार आदतें
- साफ चम्मच से देख लें कि कोई सख्त टुकड़ा न रह गया हो।
- पक्का न हो कि बच्चे ने दालचीनी पहले खाई है तो उसे छोड़ दें।
सावधानियाँ
- यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। शहद न मिलाएं।
- छह महीने से छोटे शिशुओं के लिए नहीं, और खांसी, कब्ज या बुखार का इलाज नहीं।
- घरघराहट, जोर की सांस, टिकी खांसी, या जो बच्चा पी नहीं रहा, उसे डॉक्टर चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सेब में शहद मिला सकते हैं?
- नहीं। शहद न मिलाएं।
क्या भाप वाला सेब चिकित्सकीय सलाह है?
- नहीं। यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। यह उस बच्चे के लिए नरम फल है जो पहले से फल खाता हो।
क्या इससे खांसी या कब्ज ठीक होती है?
- नहीं। यह खांसी, कब्ज या किसी बीमारी का इलाज नहीं। बीमार बच्चे को डॉक्टर चाहिए।



