नींद और तनाव5 मिनट
नींद के लिए तगर (भारतीय वेलेरियन): क्या जानें
तगर नींद के लिए इस्तेमाल होने वाली आयुर्वेदिक जड़ है। वेलेरियन पर शोध क्या दिखाता है, कैसे ली जाती है और सुरक्षा की ज़रूरी बातें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
भारतीय घरों में तगर
तगर (भारतीय वेलेरियन) तेज़, मिट्टी जैसी गंध वाली जड़ है जिसे आयुर्वेद नींद के लिए इस्तेमाल करता है। वेलेरियन के प्रमाण मिले-जुले हैं, और इससे सुबह सुस्ती हो सकती है।
तगर यूरोपीय वेलेरियन का भारतीय रिश्तेदार है, जो नींद की सबसे ज़्यादा परखी गई जड़ियों में है। नतीजे मिले-जुले हैं: कुछ लोगों को थोड़ा जल्दी नींद आती है, कुछ को कोई फ़र्क़ नहीं लगता। यह अच्छी नींद की आदतों के साथ सबसे अच्छा काम करती है, उनकी जगह नहीं।
सामग्री
- लाइसेंस वाली फ़ार्मेसी से तगर पाउडर या गोलियाँ
- गुनगुना पानी
बनाने की विधि
- डॉक्टर से पूछें, ख़ासकर अगर नींद, घबराहट, मिर्गी या दर्द की कोई दवा लेते हों।
- लेबल की सबसे कम मात्रा लें।
इस्तेमाल का तरीका
- सोने से 30 से 60 मिनट पहले, दो से चार हफ़्ते तक लें।
- सुस्ती हो तो गाड़ी या मशीन न चलाएँ।
मददगार आदतें
- सुबह सिर भारी लगे तो बंद करें।
सावधानियाँ
- सिरदर्द, पेट खराब या सुबह भारीपन हो तो बंद करें।
- शराब, नींद की गोलियों या घबराहट की दवा के साथ न लें।
- गर्भावस्था, स्तनपान में और गाड़ी चलाने से पहले न लें।
- यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या तगर की गंध खराब होती है?
- हाँ, ज़्यादातर वेलेरियन जड़ों की तरह इसकी गंध तेज़, मिट्टी जैसी होती है।
क्या यह बुज़ुर्गों के लिए सुरक्षित है?
- उन्हें सुस्ती और गिरने का ख़तरा ज़्यादा होता है; डॉक्टर सलाह दें।
क्या तगर की आदत पड़ती है?
- ऐसा ज्ञात नहीं, पर लंबे इस्तेमाल पर ठीक से शोध नहीं हुआ।






