जड़ी-बूटियाँ और आहार10 मिनट
शाम की जटामांसी चाय, थोड़ी मात्रा में
सूखी जटामांसी जड़ की एक चुटकी गर्म पानी में भिगोकर शाम की शांत रस्म। प्रमाण सीमित; गर्भावस्था में और नींद की दवाओं के साथ न लें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
हिमालयी जड़, हल्के उपयोग में
जटामांसी हिमालयी पौधा है जिसकी जड़ आयुर्वेद में लंबे समय से शांत करने वाली जड़ी के रूप में इस्तेमाल होती है। मनुष्यों पर शोध सीमित है, इसलिए इसे पारंपरिक रस्म मानें, नींद का इलाज नहीं।
सूखी जड़ की चुटकी गर्म पानी में पाँच मिनट भिगोएँ और शाम को छोटा कप पिएँ। केवल कभी-कभार लें और भरोसेमंद स्रोत से खरीदें।
सामग्री
- एक चुटकी (¼ छोटा चम्मच) सूखी जटामांसी जड़
- 1 कप गर्म पानी
बनाने की विधि
- जड़ को गर्म पानी में पाँच मिनट भिगोएँ।
- छान लें।
इस्तेमाल का तरीका
- शाम को कभी-कभार गुनगुना पिएँ।
- उनींदापन हो तो बाद में गाड़ी न चलाएँ।
मददगार आदतें
- भरोसेमंद दुकान से खरीदें।
- सूखी रखें।
सावधानियाँ
- गर्भावस्था और स्तनपान में न लें।
- डॉक्टर के बिना शामक या नींद की दवाओं के साथ न लें।
- पारंपरिक रस्म है, इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या रोज़ सुरक्षित है?
- डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं।
क्या स्वाद तेज़ है?
- मिट्टी जैसा और कड़वा।
क्या यह ब्राह्मी जैसी है?
- नहीं, अलग जड़ी है।




