नींद और तनाव10 मिनट
सूरज ढलने के बाद जीरा और सौंफ का गुनगुना पानी
सूरज ढलने के बाद चाय या कॉफी की जगह जीरा और सौंफ गर्म पानी में भिगोए जाते हैं। घूँट हल्का रहता है। यह अनिद्रा का इलाज नहीं और न चिकित्सक की जगह लेता है।

देर की कैफीन की जगह गुनगुना मसाला पानी
दिन के आखिर में चाय और कॉफी अक्सर शाम को जगाए रखती हैं। यह कप उसकी जगह चुटकी भर जीरा और चुटकी भर सौंफ गर्म पानी में रखता है। यह भिगोना है, देर का गाढ़ा उबाल नहीं और मीठा मसाला पेय नहीं।
सूरज ढलने के बाद एक कप काफी है। यह दिन भर की कड़क कॉफी को मिटा नहीं देता, और अनिद्रा, गैस या पेट फूलने का इलाज नहीं करता। जीरा या सौंफ न भाए तो छोड़ दें। जिन्हें शाम की लिखी दवा लेनी है, वे उसे निर्देश के अनुसार लें, इस पानी से न बदलें।
सामग्री
- चुटकी भर जीरा
- चुटकी भर सौंफ
- एक कप गर्म पानी
बनाने की विधि
- पानी गर्म करें, तेज उबाल तक नहीं, और आँच से उतार लें।
- जीरा और सौंफ डालकर कुछ मिनट ढकें, फिर छान लें।
इस्तेमाल का तरीका
- सूरज ढलने के बाद चाय या कॉफी की जगह यह कप पिएँ।
- एक हल्की मात्रा रखें, उसमें चीनी या दूध का ढेर न मिलाएँ।
- दानों को गहरा काढ़ा बनने तक न उबालें।
मददगार आदतें
- हर मसाले की चुटकी ही स्वाद है। बड़ा चम्मच कप को तीखा कर देता है।
- गर्म पेय की आदत रखनी हो तो यह कप चाय-कॉफी की कैफीन के बिना वही रस्म निभा सकता है।
सावधानियाँ
- यह घूँट अनिद्रा, गैस या किसी बीमारी का इलाज नहीं करता।
- जीरा या सौंफ न भाए तो छोड़ दें।
- यह लिखी दवा की जगह नहीं लेता, न चिकित्सक के कैफीन नियम की जगह।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह कप किसकी जगह है?
- सूरज ढलने के बाद की चाय या कॉफी की। यह चुटकी जीरा और चुटकी सौंफ वाला गर्म पानी है।
कप कितना कड़क रखें?
- छोटा भिगोना। गाढ़ा न उबालें, और किसी एक मसाले का बड़ा चम्मच न डालें।
क्या इससे जागी रात ठीक हो जाती है?
- नहीं। यह केवल देर के कैफीन वाले पेय की जगह है। नींद का इलाज नहीं।




