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बेल मुरब्बे का एक छोटा टुकड़ा

दोपहर के खाने के बाद बेल मुरब्बे का एक छोटा टुकड़ा, बिगड़े पेट के लिए गर्मियों की पारंपरिक मिठाई। मीठा है, इसलिए थोड़ा ही लें।

कटोरी, गिलास और पारंपरिक बर्तनों का आयुर्वेदिक रसोई चित्र।

भारतीय घरों में बेल

बेल सख़्त छिलके वाला फल है जिसका गूदा खुशबूदार और नारंगी होता है, और यह शिव जी को प्रिय माना जाता है। आयुर्वेद कच्चे बेल को दस्त में और पके बेल को गर्मी के ठंडे खाने के रूप में इस्तेमाल करता है।

बेल मुरब्बा चाशनी में रखा हुआ फल है। आयुर्वेद में बेल को पेट ठीक रखने से जोड़ा जाता है, और गर्मियों में थोड़ा लेने का मुरब्बा स्वादिष्ट तरीका है। इसमें चीनी काफ़ी होती है।

सामग्री

  • बेल मुरब्बे का 1 छोटा टुकड़ा

बनाने की विधि

  1. साफ़, सूखे चम्मच से एक टुकड़ा निकालें।

इस्तेमाल का तरीका

  • गर्मियों में हफ़्ते में कुछ बार दोपहर के खाने के बाद खाएँ।
  • बाद में पानी पिएँ।

मददगार आदतें

  • पका बेल थपथपाने पर खोखला सुनाई देता है और मीठी खुशबू आती है।

सावधानियाँ

  • डायबिटीज़ वाले न लें।
  • ज़्यादा पका बेल खाने से कब्ज़ हो सकती है।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बेल का शरबत बेहतर है?

बिना चीनी के ताज़े बेल के गूदे और पानी में चीनी कम होती है।

बेल कब्ज़ में मदद करता है या दस्त में?

पारंपरिक रूप से पका बेल कब्ज़ में और कच्चा बेल दस्त में लिया जाता है।

क्या बेल का मुरब्बा बहुत मीठा होता है?

हाँ, इसलिए एक छोटा टुकड़ा ही लें।