सुबह नरम घास पर नंगे पैर टहलना
साफ़, सूखी घास पर सुबह की छोटी सैर, पैरों के आराम के लिए। कटे पैर, सुन्नपन या डायबिटिक पैर की समस्या हो तो न करें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
साफ़ घास पर दस हल्के मिनट
नरम घास पर नंगे पैर चलना भारत की पुरानी सुबह की आदत है और 'ग्राउंडिंग' का लोकप्रिय चलन भी। नरम सतह सुखद लग सकती है और पैरों को जगाती है। यह हल्की सैर है, जोड़ों के दर्द, रक्तचाप या किसी बीमारी का इलाज नहीं, और 'अर्थिंग' के फ़ायदे के दावे प्रमाणित नहीं हैं।
केवल साफ़, सूखी घास पर चलें, काँच, काँटे और जानवरों की गंदगी जाँचकर। दस मिनट काफ़ी है। खुले कट, सुन्न पैर, पैर की समस्या वाली डायबिटीज़, खराब रक्त संचार या कमज़ोर संतुलन में, और गीली या फिसलन भरी स्थिति में न करें। बाद में पैर धोकर सुखाएँ।
सामग्री
- साफ़, सूखी घास का टुकड़ा
- किनारे पर रखी चप्पलें
- तौलिया और पानी का गिलास
बनाने की विधि
- घास में काँच, काँटे और गंदगी जाँच लें।
- चप्पलें किनारे पर छोड़ें।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह लगभग दस मिनट धीरे चलें।
- बाद में पैर धोकर सुखाएँ।
मददगार आदतें
- वही लॉन चुनें जिसकी सफ़ाई का भरोसा हो।
- ज़मीन नम या असमतल हो तो चप्पल पहनें।
सावधानियाँ
- खुले कट, सुन्न पैर, डायबिटिक पैर की समस्या, खराब रक्त संचार या कमज़ोर संतुलन में न करें।
- गीली, फिसलन भरी या गंदी ज़मीन से बचें।
- हल्की सैर है, जोड़ों के दर्द या किसी बीमारी का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नंगे पैर चलने से जोड़ों का दर्द ठीक होता है?
- नहीं। यह हल्की सैर है, इलाज नहीं।
क्या ग्राउंडिंग प्रमाणित है?
- सेहत के दावे प्रमाणित नहीं, पर सैर सुखद है।
क्या बुज़ुर्गों के लिए सुरक्षित है?
- केवल साफ़, समतल लॉन पर, संतुलन का ध्यान रखकर।


