जोड़5 मिनट
गर्दन के आराम के लिए लैपटॉप राइज़र और आँखों के स्तर पर स्क्रीन
स्क्रीन आँखों के स्तर पर और पैर सहारे पर रखकर बैठना। मेज़ की व्यवस्था का सुधार है; बाँह में सुन्नपन के साथ गर्दन दर्द में डॉक्टर चाहिए।

गर्दन से पहले मेज़ ठीक करें
घंटों लैपटॉप में नीचे देखने से गर्दन आगे झुकती है, जिसे कई लोग शाम तक गर्दन और कंधों में दर्द के रूप में महसूस करते हैं। स्क्रीन को स्टैंड पर आँखों के स्तर तक उठाना, अलग कीबोर्ड लगाना और पैर सहारे पर रखना इस खिंचाव को कम कर सकता है। यह व्यवस्था की आदत है, सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस, डिस्क की समस्या या नस दर्द का इलाज नहीं।
स्क्रीन का ऊपरी किनारा लगभग आँखों के स्तर पर, कोहनियाँ समकोण पर और पैर ज़मीन या फुटरेस्ट पर समतल रखें। हर 30 से 45 मिनट पर उठकर चलें। बाँह में सुन्नपन या झुनझुनी, कमज़ोरी, सिरदर्द या चोट के बाद गर्दन दर्द में डॉक्टर चाहिए।
सामग्री
- लैपटॉप स्टैंड या मज़बूत किताबों का ढेर
- अलग कीबोर्ड और माउस
- फुटरेस्ट या पैरों के लिए मज़बूत डिब्बा
बनाने की विधि
- लैपटॉप को इतना उठाएँ कि स्क्रीन का ऊपरी किनारा आँखों के स्तर पर हो।
- अलग कीबोर्ड लगाएँ ताकि बाँहें आराम से टिकें।
इस्तेमाल का तरीका
- कुर्सी में पीछे टिककर, पैर समतल और कोहनियाँ समकोण पर बैठें।
- हर 30 से 45 मिनट पर उठकर चलें।
मददगार आदतें
- बीच-बीच में कंधे पीछे घुमाकर ढीले छोड़ें।
- कभी-कभी स्क्रीन से हटकर दूर देखें।
सावधानियाँ
- बाँह में सुन्नपन, झुनझुनी, कमज़ोरी या चोट के बाद गर्दन दर्द में डॉक्टर चाहिए।
- घंटों बिना हिले काम न करें।
- व्यवस्था की आदत है, गर्दन की किसी बीमारी का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या राइज़र से गर्दन दर्द ठीक होगा?
- खिंचाव कम हो सकता है, पर यह इलाज नहीं।
क्या विशेष कुर्सी चाहिए?
- सहारे वाली कुर्सी मदद करती है, पर बैठने के तरीके में छोटे बदलाव भी फ़र्क डालते हैं।
कितनी बार उठें?
- हर 30 से 45 मिनट पर।



