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काली गाजर की कांजी, घर पर साफ़-सफ़ाई से बनी

काली गाजर, सरसों और सेंधा नमक से बना सर्दी का किण्वित पेय, साफ़ गरम पानी से धुले काँच के जार में बनाकर छोटी मात्रा में पिया जाता है। साफ़-सफ़ाई ज़रूरी है। कमज़ोर पाचन वालों या डॉक्टर के तय आहार पर चल रहे लोगों के लिए नहीं।

फोटो में बैंगनी-लाल काली गाजर की कांजी का ऊँचा काँच का जार और गिलास, मसाले की कटोरी और साबुत काली गाजरें।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

सर्दी की कांजी, जो साफ़ जार पर निर्भर है

कांजी उत्तर भारत का किण्वित पेय है, जो सर्दी में काली गाजर, पिसी सरसों और नमक से बनाकर कुछ दिन धूप में रखा जाता है। कई लोगों को यह खट्टा, चटपटा पेय अच्छा लगता है। यह भोजन है, प्रोबायोटिक इलाज नहीं, और किसी भी बैच में लाभकारी कीटाणुओं की मात्रा पक्की नहीं होती।

असली जोखिम गंदा जार या चम्मच है। जार को गरम पानी से धोएँ, साफ़ सूखे हाथ और सूखा चम्मच लें, और लिजलिजा, फफूंद लगा या सड़ी गंध वाला बैच कभी न पिएँ। मात्रा एक छोटा गिलास रखें। कमज़ोर पेट, गर्भावस्था, बच्चों या डॉक्टर के तय आहार पर हों तो न लें।

सामग्री

  • 3 काली गाजर, लंबे टुकड़ों में
  • 1 बड़ी चम्मच पिसी सरसों और 1 छोटी चम्मच सेंधा नमक
  • 1 लीटर उबालकर पूरी तरह ठंडा किया पानी

बनाने की विधि

  1. काँच के जार को गरम पानी से धोकर पूरी तरह सूखने दें।
  2. गाजर, सरसों और नमक डालें, ठंडा पानी भरें, कपड़े से ढककर हल्की धूप में तीन-चार दिन रखें, और साफ़ खट्टी गंध देखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • जब स्वस्थ महसूस करें, तब एक छोटा गिलास ही पिएँ।
  • तैयार कांजी फ्रिज में रखें और तीन दिन में खत्म करें।

मददगार आदतें

  • केवल सूखे साफ़ चम्मच इस्तेमाल करें, कभी जूठे चम्मच से न निकालें।
  • किसी बैच पर शक हो तो फेंक दें।

सावधानियाँ

  • कमज़ोर या हाल में बिगड़े पेट, गर्भावस्था, बच्चों और कम नमक वाले आहार में न लें।
  • लिजलिजा, फफूंद लगा या सड़ी गंध वाला बैच कभी न पिएँ।
  • यह प्रोबायोटिक या पेट का इलाज नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कांजी प्रोबायोटिक है?

यह किण्वित भोजन है, पर घर के बैच में कीटाणु अलग-अलग होते हैं। इसे सप्लीमेंट या इलाज न मानें।

उबला ठंडा पानी क्यों?

ताकि पानी शुरू से पीने के लिए अधिक सुरक्षित हो। कच्चे नल के पानी में कीटाणु हो सकते हैं।

कितने दिन चलती है?

तैयार होने पर फ्रिज में तीन दिन तक। शक हो तो फेंक दें।
सभी देखें: पेट की समस्याओं के घरेलू उपाय