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ताज़ा साँस के लिए लौंग-दालचीनी का कुल्ला

लौंग और दालचीनी को पानी में उबालकर, ठंडा करके खाने के बाद कुल्ला, ताज़ा साँस के लिए घर का बना तरीका।

चित्र में लौंग, दालचीनी की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भारतीय घरों में लौंग

लौंग बहुत खुशबूदार और हल्का सुन्न करने वाला होता है, इसीलिए दाँत दर्द और गले के नुस्खों में इसका लंबा इतिहास है।

लौंग और दालचीनी दोनों में खुशबूदार तत्व हैं जिनमें प्रयोगशाला अध्ययनों में बैक्टीरिया-रोधी असर दिखा है, और भारत में ये पारंपरिक मुखशुद्धि हैं। घर का कुल्ला बिना अल्कोहल और सौम्य है, पर ब्रश और फ़्लॉस की जगह नहीं लेता।

सामग्री

  • 4 लौंग
  • दालचीनी की छोटी डंडी
  • 1½ कप पानी

बनाने की विधि

  1. लौंग और दालचीनी पाँच मिनट उबालें; ठंडा करके साफ़ बोतल में छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • खाने के बाद कुछ घूँट 30 सेकंड मुँह में घुमाकर थूक दें।
  • हर दो दिन में ताज़ा बनाएँ और फ़्रिज में रखें।

मददगार आदतें

  • अच्छी लौंग तेलीय होती है और नाखून से दबाने पर तेल छोड़ती है।

सावधानियाँ

  • मसूड़ों या मुँह में जलन लगे तो बंद करें। लगातार मुँह की बदबू में दाँतों की जाँच कराएँ।
  • बिना मिलाया लौंग का तेल मसूड़ों या त्वचा पर कभी न लगाएँ; जलन हो सकती है।
  • लौंग का तेल बच्चों से दूर रखें।
  • दिन में दो बार ब्रश करते रहें; दर्द, सूजन या दो हफ़्ते से ज़्यादा रहने वाले छाले पर डेंटिस्ट को दिखाएँ।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इसे निगल सकते हैं?

थूक दें; यह कुल्ले के लिए है।

क्या इससे दाँत सफ़ेद होते हैं?

नहीं; यह सिर्फ़ मुँह ताज़ा करता है।

क्या लौंग से दाँत दर्द ठीक होता है?

थोड़ी देर आराम मिल सकता है; दाँत दर्द में डेंटिस्ट को दिखाना ज़रूरी है।