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गले की खिच-खिच में मिश्री के साथ एक लौंग चूसें

गले की खिच-खिच और रात की खाँसी में मिश्री के टुकड़े के साथ एक लौंग मुँह में रखकर धीरे-धीरे चूसें।

चित्र में लौंग, मिश्री की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भारतीय घरों में लौंग

लौंग बहुत खुशबूदार और हल्का सुन्न करने वाला होता है, इसीलिए दाँत दर्द और गले के नुस्खों में इसका लंबा इतिहास है।

लौंग हल्का सुन्न करती है और मिश्री मिठास देती है, जो साथ में कुछ देर गले की खिच-खिच शांत कर सकती हैं। यह सफ़र में भी काम आने वाला पुराना आसान उपाय है।

सामग्री

  • 1 लौंग
  • मिश्री का 1 छोटा टुकड़ा

बनाने की विधि

  1. लौंग का सिरा दाँतों से हल्का दबा लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • लौंग और मिश्री गाल में रखकर धीरे-धीरे चूसें; ज़ोर से न चबाएँ।
  • दिन में एक-दो बार इस्तेमाल करें।

मददगार आदतें

  • अच्छी लौंग तेलीय होती है और नाखून से दबाने पर तेल छोड़ती है।

सावधानियाँ

  • छोटे बच्चों को न दें, गले में अटक सकती है।
  • बिना मिलाया लौंग का तेल मसूड़ों या त्वचा पर कभी न लगाएँ; जलन हो सकती है।
  • लौंग का तेल बच्चों से दूर रखें।
  • अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लौंग निगल सकते हैं?

कुछ मिनट बाद थूक देना बेहतर है।

क्या गर्भावस्था में ठीक है?

खाने जितनी मात्रा ठीक है; संदेह हो तो डॉक्टर से पूछें।

क्या लौंग से दाँत दर्द ठीक होता है?

थोड़ी देर आराम मिल सकता है; दाँत दर्द में डेंटिस्ट को दिखाना ज़रूरी है।