जोड़5 मिनट
मांसपेशियों के दर्द के लिए पतला किया लौंग का तेल
एक चम्मच नारियल या तिल के तेल में दो-तीन बूँद लौंग का तेल, दुखती मांसपेशियों पर गर्माहट और हल्के सुन्नपन के लिए मालिश।

भारतीय घरों में लौंग
लौंग बहुत खुशबूदार और हल्का सुन्न करने वाला होता है, इसीलिए दाँत दर्द और गले के नुस्खों में इसका लंबा इतिहास है।
लौंग के तेल में यूजेनॉल होता है, जिसमें हल्का सुन्न करने और गर्म करने का गुण है। कई भारतीय दर्द बाम में लौंग होती है। इसे ठीक से पतला करना ज़रूरी है, क्योंकि बिना मिलाया लौंग का तेल त्वचा जला सकता है।
सामग्री
- 2 से 3 बूँद लौंग का तेल
- 1 बड़ा चम्मच नारियल या तिल का तेल
बनाने की विधि
- लौंग का तेल वाहक तेल में अच्छी तरह मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन में एक-दो बार दुखती मांसपेशियों पर मालिश करें।
- बाद में हाथ धोएँ और आँखों से दूर रखें।
मददगार आदतें
- अच्छी लौंग तेलीय होती है और नाखून से दबाने पर तेल छोड़ती है।
सावधानियाँ
- कभी बिना मिलाए न लगाएँ। छह साल से छोटे बच्चों या कटी त्वचा पर नहीं। त्वचा जले या लाल हो तो बंद करें।
- बिना मिलाया लौंग का तेल मसूड़ों या त्वचा पर कभी न लगाएँ; जलन हो सकती है।
- लौंग का तेल बच्चों से दूर रखें।
- यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गर्दन पर लगा सकते हैं?
- हाँ, मांसपेशियों की जकड़न के लिए, चेहरे से दूर रखते हुए।
क्या लौंग का तेल और क्लोव बड ऑयल एक ही है?
- क्लोव बड ऑयल त्वचा के लिए आम, हल्का प्रकार है।
क्या लौंग से दाँत दर्द ठीक होता है?
- थोड़ी देर आराम मिल सकता है; दाँत दर्द में डेंटिस्ट को दिखाना ज़रूरी है।




