पाचन10 मिनट
एसिडिटी के लिए सौंफ-धनिया की ठंडी चाय
कुटी सौंफ और धनिया की हल्की चाय, गुनगुनी करके, उन दिनों खाने के बाद पिएँ जब एसिडिटी और जलन बढ़ी हो।

सौंफ का इस्तेमाल ऐसे क्यों
सौंफ मीठी, खुशबूदार और ठंडक देने वाली होती है। पूरे भारत में खाने के बाद इसे चबाया जाता है और गैस व भारीपन में इसकी हल्की चाय बनाई जाती है।
आयुर्वेद में सौंफ और धनिया दोनों पित्त के लिए ठंडक देने वाले माने जाते हैं। यह चाय हल्की और बिना कैफ़ीन की है, एसिडिटी वाले दिनों में तेज़ चाय से बेहतर आदत।
सामग्री
- 1 छोटा चम्मच सौंफ
- 1 छोटा चम्मच धनिया बीज
- 1½ कप पानी
बनाने की विधि
- बीज हल्के कूट लें।
- पानी में पाँच मिनट उबालें, ढककर पाँच मिनट और रखें, फिर छान लें।
इस्तेमाल का तरीका
- खाने के 30 मिनट बाद गुनगुनी पिएँ, गर्म नहीं।
- दिन में दो बार तक।
मददगार आदतें
- हरे, भरे हुए दाने चुनें; फीके भूरे दाने पुराने होते हैं।
सावधानियाँ
- बार-बार एसिडिटी, निगलने में तकलीफ़ या वज़न घटना हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- गर्भावस्था में बहुत ज़्यादा मात्रा की सलाह नहीं दी जाती।
- यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इसे ठंडा पी सकते हैं?
- कमरे के तापमान पर ठीक है; खाने के साथ बर्फ़ वाले पेय से बचें।
क्या यह एंटासिड की जगह लेगी?
- हल्की तकलीफ़ में आराम दे सकती है; लगातार एसिडिटी में डॉक्टर की जाँच ज़रूरी है।
चीनी वाली सौंफ या सादी?
- सादी या हल्की भुनी सौंफ बेहतर है; चीनी चढ़ी सौंफ में चीनी और रंग होता है।





