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गिलोय और आंवला रस का छोटा कप

पानी में दो बड़े चम्मच गिलोय रस और आंवला रस, मौसम बदलने पर एक हफ़्ते तक सुबह। सिर्फ़ छोटे कोर्स।

चित्र में बर्फ़, आंवला की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

गिलोय का इस्तेमाल ऐसे क्यों

गिलोय (गुडूची) एक बेल है जिसके तने को उबालकर काढ़ा बनाया जाता है। 2020 के बाद यह बहुत लोकप्रिय हुई, और तब से डॉक्टरों ने कुछ लोगों में लंबे समय या तेज़ मात्रा में लेने पर लिवर की समस्याएँ दर्ज की हैं।

गिलोय-आंवला रस भारत में खूब बिकता है। यह मौसम की छोटी आदत का हिस्सा हो सकता है, पर लिवर की चोट की रिपोर्टों के कारण डॉक्टर की सलाह के बिना महीनों तक रोज़ गिलोय नहीं लेनी चाहिए।

सामग्री

  • 1 बड़ा चम्मच गिलोय रस
  • 1 बड़ा चम्मच आंवला रस
  • ½ गिलास पानी

बनाने की विधि

  1. दोनों रस पानी में मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • हल्के नाश्ते के बाद सुबह, सात दिन तक पिएँ।
  • फिर लंबा विराम लें।

मददगार आदतें

  • भरोसेमंद जगह से तना लें; गिलोय कई बार इससे मिलती-जुलती बेलों से गड़बड़ा जाती है।

सावधानियाँ

  • आँखें पीली, पेशाब गहरा, खुजली या थकान हो तो बंद करें।
  • डॉक्टर के बिना हफ़्तों तक रोज़ न लें; कुछ लोगों में लंबे कोर्स को लिवर की चोट से जोड़ा गया है।
  • गर्भावस्था, ऑटोइम्यून बीमारी और शुगर की दवा के साथ डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गिलोय-आंवला रस डायबिटीज़ में सुरक्षित है?

यह शुगर कम कर सकता है; पहले डॉक्टर से पूछें।

क्या पूरे मौसम ले सकते हैं?

नहीं; छोटे कोर्स ही रखें।

क्या गिलोय रोज़ लेना सुरक्षित है?

डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक नहीं; कोर्स छोटा रखें।