आँखों की देखभाल10 मिनट
आँखों में जलन के घरेलू उपाय: खीरा, ठंडी सिकाई और तलवों पर घी
लंबे दिन, गर्म दोपहर या घंटों फ़ोन के बाद चुभती, जलती आँखों को ठंडक और आराम चाहिए। आँखों में जलन के ये घरेलू उपाय ठंडे खीरे, ठंडी सिकाई और सोते समय तलवों पर घी की पारंपरिक मालिश को ऐसी आदतों के साथ जोड़ते हैं जो आँखों पर ज़ोर कम करती हैं।

आँखों में जलन क्यों होती है
सूखी आँखें, स्क्रीन का ज़ोर, गर्मी, धुआँ, प्रदूषण, स्विमिंग पूल की क्लोरीन, नींद की कमी और एलर्जी जलन के आम कारण हैं। केमिकल पड़ना या चोट अलग बात है और तुरंत इलाज चाहिए।
आयुर्वेद आँखों की जलन को बढ़ा हुआ पित्त मानता है और परंपरा से सोते समय पादाभ्यंग (घी या तेल से तलवों की मालिश) द्वारा पैरों के रास्ते आँखों को ठंडक देता है।
सामग्री
- 1 ठंडा खीरा
- रुई के फाहे और ठंडे साफ़ पानी की कटोरी
- तलवों के लिए 1 छोटा चम्मच घी
- ठंडक वाले पेय: नारियल पानी, छाछ, सादा पानी
बनाने की विधि
- खीरे के मोटे गोल टुकड़े काटकर फ़्रिज में रखें।
- घी को हथेलियों के बीच हल्का गरम कर लें।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन में दो बार 10 मिनट बंद आँखों पर ठंडे खीरे के टुकड़े या ठंडे फाहे रखें।
- सोते समय 5 मिनट तलवों पर घी की मालिश करें और पुराने मोज़े पहन लें।
- स्क्रीन पर हर घंटे 5 मिनट आँखों को आराम दें।
मददगार आदतें
- तेज़ धूप में धूप का चश्मा और स्विमिंग पूल में गॉगल्स पहनें।
- पर्याप्त पानी पिएँ और गर्मी में बहुत तीखा, तला खाना कम करें।
- स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें और सूर्यास्त के बाद नाइट मोड चलाएँ।
सावधानियाँ
- आँख में कोई केमिकल, चूना या सफ़ाई का तरल चला जाए तो तुरंत ख़ूब साफ़ पानी से धोएँ और डॉक्टर के पास जाएँ।
- खीरे का रस, घी या गुलाब जल आँख के अंदर न डालें।
- जलन के साथ दर्द, लालिमा, कीचड़, धुंधलापन हो या कुछ दिनों से ज़्यादा रहे तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आँखों की जलन में तुरंत आराम कैसे मिले?
- आँखें बंद करके उन पर ठंडी सिकाई या खीरे के टुकड़े रखने से आम तौर पर जल्दी राहत मिलती है।
रात में आँखें क्यों जलती हैं?
- थकान, लंबा स्क्रीन टाइम और सूखी हवा से अक्सर शाम को आँखें जलती हैं। दिन में आराम और ब्रेक मदद करते हैं।
क्या तलवों पर घी की मालिश से सच में आँखों को ठंडक मिलती है?
- यह गर्मी और नींद के लिए पारंपरिक आयुर्वेदिक अभ्यास है। बहुत से लोगों को यह सुकून देता है, हालाँकि आँखों पर इसके असर का शोध सीमित है।









