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घर का सूखा काढ़ा मिश्रण, प्रति कप एक चुटकी

तुलसी, सोंठ, दालचीनी, काली मिर्च और लौंग पीसकर बना मिश्रण; पानी के एक कप में एक छोटी चुटकी उबालें। छोटा पीसें, छोटा लें और थोड़े समय के लिए।

फोटो में भूरे काढ़े के चूर्ण का काँच का जार, पास में दालचीनी, सौंफ, काली मिर्च और सूखी जड़ी-बूटियों की कटोरियाँ।

काढ़ा मिश्रण जिसे आप खुद नियंत्रित करें

पैकेट वाले काढ़ा पाउडर में मसाले और चीनी की मात्रा अज्ञात हो सकती है। अपना छोटा जार बनाने से मिश्रण आपके नियंत्रण में रहता है। पानी में उबली छोटी चुटकी ठंडी शामों के लिए गरम, तीखा कप देती है। यह गरम पेय है, सर्दी का इलाज या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला नहीं।

काली मिर्च और लौंग कम रखें, क्योंकि तेज़ काढ़ा मुँह और गले में जलन कर सकता है। इतना छोटा जार बनाएँ कि महीने भर में खत्म हो जाए। कुछ दिन के लिए लें, महीनों रोज़ की आदत की तरह नहीं। गर्भावस्था, अम्लता या अल्सर में न लें, और न रुकने वाली खाँसी या बुखार में डॉक्टर को दिखाएँ।

सामग्री

  • 2 बड़ी चम्मच सूखी तुलसी पत्ती
  • 1 बड़ी चम्मच सोंठ पाउडर और 1 छोटी चम्मच दालचीनी पाउडर
  • चौथाई छोटी चम्मच काली मिर्च और 2 लौंग, पिसी हुई

बनाने की विधि

  1. सब कुछ बारीक पीसकर सूखे काँच के जार में रखें।
  2. जार पर तारीख लिखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • एक कप पानी में एक छोटी चुटकी (लगभग चौथाई छोटी चम्मच) पाँच मिनट उबालकर छानें।
  • गुनगुना पिएँ, एक बार प्रतिदिन, अधिकतम कुछ दिन।

मददगार आदतें

  • जार सूखा और रोशनी से दूर रखें।
  • चाहें तो कप थोड़ा ठंडा होने पर गुड़ या शहद डालें।

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था, अम्लता, अल्सर या गर्मी की शिकायतों में न लें।
  • तेज़ काढ़ा मुँह और गले में जलन कर सकता है, इसलिए चुटकी छोटी रखें।
  • लगातार खाँसी या बुखार में डॉक्टर चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रोज़ ले सकते हैं?

कुछ दिन के लिए लें, लंबी रोज़ की आदत के रूप में नहीं।

क्या इससे सर्दी रुकेगी?

नहीं। यह गरम पेय है, बचाव नहीं।

मिश्रण कितना चलता है?

सूखे जार में लगभग एक महीना।
सभी देखें: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय