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रोज़ के पोषण के लिए मोरिंगा पत्ते की दाल

पकने के आख़िर में अरहर या मूँग दाल में ताज़े मोरिंगा पत्ते, परिवार के खाने में आयरन, कैल्शियम और विटामिन A जोड़ने का आसान तरीका।

चित्र में हल्दी, जीरा, लौंग की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

मोरिंगा के बारे में ज़रूरी बातें

मोरिंगा (सहजन) के पत्तों में आयरन, कैल्शियम और विटामिन A भरपूर होता है। भारतीय घरों में इन्हें दाल, सांभर और थेपले में पकाया जाता है, और अब सूखे पत्तों का पाउडर भी खूब बिकता है।

मुरुंगई कीरई परुप्पु दक्षिण भारत का रोज़ का खाना है, और सहजन के पत्ते पूरे भारत में दाल में पकाए जाते हैं। पत्ते आख़िर में डालने से वे हरे और नरम रहते हैं।

सामग्री

  • ½ कप अरहर या मूँग दाल
  • 1 कप ताज़े मोरिंगा पत्ते, डंठल से अलग
  • ½ छोटा चम्मच हल्दी
  • 1 छोटा चम्मच घी
  • ½ छोटा चम्मच जीरा
  • 1 लहसुन की कली
  • नमक

बनाने की विधि

  1. दाल को हल्दी के साथ नरम होने तक प्रेशर कुक करें।
  2. मोरिंगा पत्ते डालकर तीन-चार मिनट पकाएँ।
  3. घी में जीरा और लहसुन का तड़का लगाकर ऊपर डालें; स्वाद अनुसार नमक।

इस्तेमाल का तरीका

  • हफ़्ते में दो-तीन बार चावल या रोटी के साथ परोसें।
  • आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए नींबू निचोड़ें।

मददगार आदतें

  • चटक हरा पाउडर जिसमें सूखे पत्तों जैसी खुशबू हो, ताज़ा है।

सावधानियाँ

  • सिर्फ़ पत्ते इस्तेमाल करें, छाल या जड़ नहीं।
  • मोरिंगा की जड़ और छाल न लें; खाने में सिर्फ़ पत्ते और फलियाँ ली जाती हैं।
  • थायरॉइड या शुगर की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें।
  • अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पत्ते जल्दी कैसे अलग करें?

डंठल को उल्टा पकड़कर उँगलियाँ नीचे की ओर चलाएँ।

क्या मोरिंगा पाउडर ले सकते हैं?

हाँ, पकने के बाद 1 छोटा चम्मच मिलाएँ।

दिन में कितना मोरिंगा पाउडर?

खाने में आधा से एक छोटा चम्मच काफ़ी है।