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नई माँ के खाने में सहजन की पत्तियाँ
डिलीवरी के बाद के हफ़्तों में सहजन पत्ती की दाल, पोरियल या सूप, आयरन और कैल्शियम से भरपूर, नई माँओं के लिए दक्षिण भारत का पारंपरिक खाना।

घर पर मोरिंगा का समझदारी से इस्तेमाल
मोरिंगा (सहजन) के पत्तों में आयरन, कैल्शियम और विटामिन A भरपूर होता है। भारतीय घरों में इन्हें दाल, सांभर और थेपले में पकाया जाता है, और अब सूखे पत्तों का पाउडर भी खूब बिकता है।
तमिलनाडु, केरल और फ़िलीपींस में सहजन की पत्तियाँ प्रसव के बाद का पारंपरिक खाना हैं। ये पोषक तत्वों से भरपूर हैं, और कुछ छोटे अध्ययन बताते हैं कि सहजन दूध बढ़ाने में मदद कर सकता है, हालाँकि प्रमाण सीमित हैं। पकी हुई हरी सब्ज़ी के रूप में यह सुरक्षित और पोषक है।
सामग्री
- 1 कप ताज़ी सहजन पत्तियाँ
- ½ कप पकी मूँग या अरहर दाल
- घी, जीरा, लहसुन और चुटकी भर हल्दी
बनाने की विधि
- पत्तियाँ धोकर डंठल से अलग करें।
- घी में लहसुन और जीरा भूनें, पत्तियाँ मुरझाने तक पकाएँ, फिर दाल मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- डिलीवरी के बाद हफ़्ते में दो-तीन बार चावल या रोटी के साथ खाएँ।
मददगार आदतें
- चटक हरा पाउडर जिसमें सूखे पत्तों जैसी खुशबू हो, ताज़ा है।
सावधानियाँ
- स्तनपान के दौरान डॉक्टर की सहमति के बिना सहजन की जड़, छाल और गाढ़े सप्लीमेंट न लें।
- मोरिंगा की जड़ और छाल न लें; खाने में सिर्फ़ पत्ते और फलियाँ ली जाती हैं।
- थायरॉइड या शुगर की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें।
- गर्भावस्था या स्तनपान में पहले डॉक्टर से पूछें।
- यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सहजन से दूध बढ़ता है?
- छोटे अध्ययन इशारा करते हैं; बार-बार दूध पिलाना और अच्छा पोषण सबसे ज़रूरी है।
क्या सूखा सहजन पाउडर ले सकते हैं?
- हाँ, दाल या सूप में 1 छोटा चम्मच ठीक है।
दिन में कितना मोरिंगा पाउडर?
- खाने में आधा से एक छोटा चम्मच काफ़ी है।



